Biparjoy Cyclone Live: बिपरजॉय का तांडव शुरू, गुजरात में 3 की मौत, ट्रेनें कैंसिल, स्कूल और बंदरगाह बंद

राजकोट/सौराष्ट्र. चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ के गुजरात की ओर बढ़ने के साथ ही तटीय जिले सौराष्ट्र और कच्छ में लाखों लोगों के लिए ये सप्ताह काफी भयानक होने वाला है.  चक्रवात के पूरी तरह से पहुंचने में अभी देरी है, लेकिन इसने अपना असर दिखाना अभी से शुरू कर दिया है. इन क्षेत्रों में पेड़ों को उखाड़ने वाली तेज हवाओं की वजह से दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई. भुज कस्बे में एक दीवार गिरने से दो चचेरे भाई-बहन (चार साल का लड़का और छह साल की लड़की) को अपनी जांन गंवानी पड़ी, जबकि राजकोट के जसदण तालुका में स्कूटर पर एक बड़े पेड़ के गिरने से पति के साथ पिछली सीट पर बैठी एक महिला की मौत हो गई.

गंभीर चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ के गुजरात में 15 जून को पहुंचने की आशंका के बीच राज्य में एक विस्तृत निकासी योजना बनाई गई है और प्रशासन ने 7,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि चक्रवात के दौरान गुजरात में 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अंदेशा है. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि बचाव दल चक्रवात ‘बिपारजॉय’ के मार्ग में संवेदनशील स्थानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित कर रहे हैं.

अधिक पढ़ें …

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया