
नई दिल्ली. भारतीय उद्योग जगत के लिए राहत भरी खबर है. अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर कई महीने के शीर्ष पर पहुंच गई है. सरकार ने सोमवार को आंकड़े जारी कर बताया कि अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) बढ़कर 4.2 फीसदी हो गया है. इससे पहले मार्च में यह 1.1 फीसदी के साथ 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था. अप्रैल में कंपनियों को नए ऑर्डर मिले और उद्योगों ने तगड़ी रफ्तार भरी है.
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने 12 जून को जारी आंकड़ों में बताया है कि अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन का इंडेक्स बढ़कर 4.2 फीसदी हो गया है. मार्च में यह शुरुआती आंकड़ों में 1.1 फीसदी था, जो बाद में संशोधित होकर 1.7 फीसदी हो गया है. अगर 2022 के अप्रैल के आंकड़े देखें तो IIP 6.7 फीसदी रहा था. IIP के आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा तस्वीर पेश करते हैं, जिससे यह माना जा रहा है कि उद्योगों में तेजी आनी शुरू हो चुकी है और अब रोजगार के मोर्चे पर भी तेजी की उम्मीद बंधी है.
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खनन में गिरावट, मैन्युफैक्चरिंग में तेजी
अप्रैल में IIP ग्रोथ में आई अचानक उछाल काफी चौंकाने वाली रही है. इस दौरान कुछ सेक्टर में तो तेजी दिखी जबकि कुछ में गिरावट रही. बारिश की वजह से खनन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा और वृद्धि दर सिर्फ 5.1 फीसदी रही, जो मार्च में 6.8 फीसदी थी. हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने अप्रैल में 4.9 फीसदी की बढ़त बनाई जो मार्च में सिर्फ 1.2 फीसदी था. गौरतलब है कि पूरे IIP के आंकड़ों में सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी रहती है. जाहिर है कि इस सेक्टर में आई तेजी का फायदा पूरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा.
बिजली निर्माण में भी सुस्ती
अप्रैल में बिजली निर्माण सेक्टर को भी गिरावट का सामना करना पड़ा. इस दौरान बिजली सेक्टर की वृद्धि दर 1.1 फीसदी रही, जो मार्च में 1.6 फीसदी थी. इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में भी अप्रैल महीने में गिरावट दिखी है. इतना ही नहीं उत्पादन क्षेत्र भी गिरावट का शिकार बना, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग में आई तेजी से आगे नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जगी है.
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FIRST PUBLISHED : June 12, 2023, 18:59 IST






