
निखिल त्यागी/सहारनपुर. गन्ना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की मुख्य फसल है, जिसकी खेती पर अधिकतर किसानों की आय निर्भर करती है. गन्ने की फसल को किसान लगातार देखभाल करके तैयार करता है. सहारनपुर जनपद के कृषि अधिकारी ने बताया कि इस समय गन्ने की फसल में टॉप बोरर नामक बीमारी का असर दिख रहा है. इसके असर से गन्ने का उत्पादन अपेक्षा के अनुरूप कम हो जाता है. कृषि अधिकारी ने इस कीट से बचाव के लिए किसानों को आवश्यक जानकारी दी है.
कृषि विज्ञान अधिकारी डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि इस समय किसान की मुख्य फसल गन्ना एक कीट की चपेट में है. टॉप बोरर नाम का यह कीट गन्ने की फसल के लिए घातक होता है. जिसके असर से गन्ने का उत्पादन अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाता. उन्होंने कहा कि यह कीट गन्ने की फसल में वर्षभर कभी भी आ जाता है. इसलिए किसानों को समय-समय पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह पर फसल का उपचार करना चाहिए. जिससे गन्ने का उत्पादन अपेक्षा के अनुरूप हो और किसानों की आय में भी वृद्धि हो.
इस कीट का ऐसा होता है असर
कृधि विज्ञान अधिकारी ने बताया कि टॉप बोरर कीट एक सुंडी कीड़ा है, जो गन्ने के पौधे की पत्ती के माध्यम से तने में प्रवेश करता है. इस कीट का जीवन चक्र एक साल में 5 से 6 बार हो सकता है. बताया कि गन्ने के ऊपरी भाग की कोमल पत्तियों को लपेट कर यह कीड़ा अंदर छेद बनाकर तने में घुस जाता है और उस स्थान से ऊपर से नीचे की ओर सुरंग बनाने का काम करता है. बताया कि टॉप बोरर के प्रकोप से गन्ने के ऊपरी हिस्से में छोटे-छोटे कल्ले निकल जाते हैं. जिनमें गन्ना नहीं बनता और गन्ने का विकास रुक जाता है. गन्ने के विकास रुक जाने से फसल के उत्पादन में स्वतः ही कमी आ जाती है.
टॉप बोरर कीट का उपचार
कृषि विज्ञान अधिकारी ने बताया कि इस कीट से बचाव के लिए किसान भाई जून माह के दूसरे व तीसरे सप्ताह में कार्बो फेरान नाम कीटनाशक रसायन का प्रयोग करें. बताया कि शाम के समय खेत में इस रसायन को प्रति एकड़ 12 से 14 किलोग्राम डालें. इस रसायन के प्रयोग के समय खेत मे पर्याप्त नमी होना आवश्यक है. बताया कि नमी में यह रसायन घुलकर जमीन के अंदर से गन्ने के पौधे में अपना असर दिखाता है. जिसके कारण गन्ने के पौधे में इसके असर से जहां भी तने में सुंडी का असर होगा वह उसको खत्म कर देगा.
.
Tags: Local18, Saharanpur news, Sugarcane Farmer, Up news in hindi
FIRST PUBLISHED : June 12, 2023, 22:34 IST






