गुमला में PLFI के 5 नक्सलियों को कोर्ट ने सुनाई 10-10 साल की सजा, जानें क्या था मामला

रूपेश कुमार भगत/गुमला. वृंदा नायक टोली की रहनेवाली विनीता उरांव के परिजनों की हत्या के प्रयास के दोषी पीएलएफआई के 5 नक्सलियों को एडीजे 4 अंजनी अनुज की अदालत ने 10-10 साल की सजा सुनाई है. दोषी रामनारायण गोप, राम किशुन गोप, रमेश गोप, सोमनाथ गोप और परमेश्वर गोप को धारा 307/149 के तहत 10-10 साल की सजा व 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर एक एक साल अतिरिक्त सजा पांचों मुजरिम को भुगतनी पड़ेगी.

अदालत में पेश मामले के मुताबिक, यह वारदात 5 मई 2020 की है. इसके अगले दिन विनीता उरांव ने गुमला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. दर्ज प्राथमिकि में कहा गया था कि विनीता उरांव अपने बच्चों के साथ खाना खाकर घर में सोने कि तैयारी कर रही थी. तभी 8:30 बजे कुछ व्यक्ति उसके घर के पास आए और दरवाजे में लात मारा और गाली गलौज करते हुए कहने लगे कि दरवाजा खोलो, आज तुमलोगों को खत्म कर देंगे.

विनीता ने धमकी देनेवालों की अवाज पहचान ली. विनीता के मुताबिक, यह आवाज पीएलएफआई एरिया कमांडर बसंत गोप की थी. इसके बाद वह अपने बच्चों की जान बचाने की सोचकर लाइट बंद करके हाथ में कुल्हाड़ी पकड़ कर घर के मुख्य दरवाजे के किनारे छुप गई. तब वे लोग दरवाजे पर जोर जोर से लात मारने लगे और फायरिंग करने लगे. फायरिंग बंद होने के बाद बसंत गोप ने कहा कि परमेश्वर तुम दरवाजा तोड़ दो.

दरवाजा टूटते ही एक ने जान से मारने के नीयत से घर के अंदर फायरिंग की. जैसे ही एक ने घर में प्रवेश किया. वैसे ही विनीता ने अपने परिवार की जान बचाने के लिए उस पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया. इस हमले में वह व्यक्ति पीठ के बल गिर गया. जिसे उसके साथी अपने कंधे पर लाद कर ले भागे. अगले दिन एरिया कमांडर बसंत गोप का शव वृंदा जंगल से मिला था. इस वारदात के बाद प्रशासन सहित लोगों ने विनीता की बहादुरी की बहुत सराहना की थी. तत्कालीन एसपी हरदीप पी जनार्दन ने विनीता को सम्मानित किया था.

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FIRST PUBLISHED : June 12, 2023, 22:12 IST

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Author: Jagran Times

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