चित्रकूट में इकट्ठा हुए…18 मंडलों के 40 नेत्र चिकित्सक, सीखी तकनीक, अब करेंगे कमाल!

धीरेन्द्र शुक्ला/चित्रकूट: राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा सरकारी अस्पतालों में नेत्र सर्जरी में गुणवत्ता (क्वालिटी) लाने के लिए चित्रकूट के सद्गुरू नेत्र चिकित्सालय जानकीकुंड अस्पताल में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया.

इसमें प्रदेश के 18 मंडलों के लगभग 40 नेत्र सर्जनों ने प्रतिभाग किया. दो दिवसीय कार्यशाला में जंहा सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय के चिकित्सकों व अन्य चिकित्सकों ने नेत्र-चिकित्सा के बारे में अपनी-अपनी जानकारी साझा की. वहीं चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में भ्रमण कर तकनीकी जानकारियों को भी सीखा.

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट और NPC (नेशनल प्रोग्राम कंट्रोल एंड ब्लाइंडनेस) के अंतर्गत एवं साइट सेवर संस्था के तहत कार्यशाला का आयोजन चित्रकूट के सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में किया गया. कार्यशाला में प्रदेश के 18 मंडलों से दो-दो डॉक्टर आए हुए हैं.

कार्यशाला का उद्देश्य
इन डॉक्टरों को आंख की सर्जरी कैटिक सर्जरी या अन्य सर्जरी में उनकी क्वालिटी गुणवत्ता या उससे रिलेटेड प्रोटोकॉल, उसके रखरखाव और सावधानी कैसे रखनी चाहिए, इन सब चीजों का प्रशिक्षण दिया गया है. इस परीक्षण के माध्यम से जो भी हमारे राज्य में कैटिक सर्जरी या ऑटोमेटिक सर्जरी हो रही है. उनकी गुणवत्ता को कैसे बढ़ाया जा सके. इस उद्देश्य से यह कार्यशाला का आयोजन किया गया है.

ताकि गरीबों को हो सके लाभ
प्रदेश में सबसे ज्यादा आंखों का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर चित्रकूट में पहुंचे हुए हैं. ये डॉक्टर लगभग ढाई हजार से अधिक लोगों को आंखों की रोशनी दे चुके हैं. डॉक्टर वा साइट सेवर इंडिया संस्था के स्टेट हेड प्रमोद त्रिपाठी ने बताया कि जो स्वास्थ्य सेवाएं प्राइवेट अस्पताल में बहुत महंगी हैं, उन्हें सरकारी अस्पतालों में मुफ्त कैसे उपलब्ध कराई जाए, इसी उद्देश्य से हमारे 18 जनपदों के वरिष्ठ वात्सल चिकित्सकों बुलाकर उनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के बाद ये डॉक्टर अपने जनपदों में गरीब जनता को लाभ पहुंचा सकेंगे.

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Author: Jagran Times

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