क्या अमेरिका चला रहा है UFO से जुड़ा कोई कार्यक्रम… कितना सच, कितना फसाना


नई दिल्ली: स्टीवन स्पिलबर्ग की ईटी से लेकर इंडिपेंडेंस डे तक… दूरदर्शन पर अस्सी के दशक के कार्यक्रम राजू और उड़नतश्तरी से लेकर कोई मिल गया तक. उड़नतश्तरी (UFO) हमेशा हमारी फिल्मों के लिए कहानी का सबजेक्ट और हमारे लिए जिज्ञासा का विषय रही है. इस मामले को लेकर अभी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक सरकारी व्हिसिल ब्लोअर ने एक असाधारण आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिका के पास यूएफओ (अनआइडेंटीफाइड फ्लाइंग ऑबजेक्ट-उड़नतश्तरी) मौजूद है. इसके बाद अमेरिका पर यूएफओ को लेकर शक का घेरा बढ़ गया है.

आइए जानते हैं क्या हैं व्हिसिलब्लोअर के आरोप और कितनी सच्चाई है इसमें…

क्या दावा है
गार्डियन की एक रिपोर्ट बताती है कि एक पूर्व खुफिया अधिकारी, डैविड ग्रश, जो अमेरिकी रक्षा विभाग में रहस्यमय विषम घटनाओं (यूएपी) की जांच की देखरेख कर रहे थे. उनके एक दावे ने इन दिनों हड़कंप मचा दिया है. उनका दावा है कि अमेरिका लंबे समय से अज्ञात गैर-मानव एयरक्राफ्ट इकट्ठा कर रहा था.
ग्रश एक सैन्य अधिकारी रह चुके हैं जो इससे पहले राष्ट्रीय भू-स्थानिक खुफिया एजेंसी और राष्ट्रीय टोही कार्यालय में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. आगे चलकर उन्होंने व्हिसिलब्लोअर के तौर पर विभिन्न मीडिया के साथ अज्ञात क्राफ्ट पर चर्चा करते हुए यह सूचना साझा की.

ग्रश ने न्यूज नेशन को बताया कि वे लोग गैर मानव मूल के तकनीकी वाहन जिन्हें आप चाहें तो स्पेसक्राफ्ट कह सकते हैं, उन्हें एकत्र कर रहे है. यह गैर-मानव वाले बाहरी वाहन जो या तो धरती पर उतरे या क्रैश हुए थे.

ग्रश के पास खुफिया विभाग का लंबा अनुभव
दि डिब्रीफ के मुताबिक, ग्रश राष्ट्रीय भू-स्थानिक खुफिया एजेंसी में यूएपी विश्लेषण के लिए वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के पद पर नियुक्त थे. इस दौरान उनकी पहुंच टॉप सीक्रेट जानकारी तक थी. इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय टोही कार्यालय में एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी के रूप में भी कार्य किया. कुल मिलाकर उनके पास खुफिया-संबंधी भूमिकाओं का 14 साल का लंबा अनुभव है.

इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रश का दावा है कि यूएपी टास्क फोर्स में काम करने के दौरान उन्हें एक मैटेरियल रिकवरी कार्यक्रम जिसमें क्राफ्ट से जुड़े हुए स्पष्ट साक्ष्य शामिल थे, उससे दूर रखा गया था.
ग्रश ने न्यूजनेशन को बताया कि, पहले मुझे लगा कि मुझे किसी तरह के धोखे में रखा जा रहा है, यह किसी तरह की चाल है. फिर लोगों ने मेरे पास आकर बताना शुरू किया. मेरे कई वरिष्ठ अधिकारी हैं, पूर्व खुफिया अधिकारी हैं जो खुद मेरे पास आए. इनमें से कई तो ऐसे हैं जिनके साथ मैंने लंबे वक्त तक काम किया, उन्होंनें मुझे बताया कि वे भी इस कार्यक्रम का हिस्सा थे.

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कांग्रेस के सामने नहीं आने दी जानकारी
ग्रश के दि डिब्रीफ को दिए हुए बयान के मुताबिक, उनका दावा है कि उन्होंने कांग्रेस के लिए यूएफओ पर कई ब्रीफिंग तैयार की हैं. हालांकि पिछले साल उन्होंने मैटेरियल रिकवरी कार्यक्रम से जुड़ा डाटा और खुफिया जानकारी का खुलासा करने का फैसला लिया. इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रश ने दावा किया है कि मैटेरियल रिकवरी कार्यक्रम को जानबूझकर सही कांग्रेस की नजरों में नहीं आने दिया गया.

द डीब्रीफ के साथ साझा किए गए दस्तावेज से मालूम चलता है कि ग्रश को पहले से पता था कि यूएपी से संबंधित जानकारी को कांग्रेस से छिपाया जा रहा है, इसके पीछे का मकसद यूएपी कार्यक्रम के वैध कांग्रेस निरीक्षण में बाधा डालना था. जुलाई 2021 में हुई शिकायत के अनुसार, ग्रश ने गोपनीय रूप से रक्षा विभाग के महानिरीक्षक को रोकी गई जानकारी के बारे में वर्गीकृत जानकारी प्रदान की. हालांकि उनका मानना है कि उनकी पहचान जाहिर कर दी गई थी. अब बतौर व्हिसिलब्लोअर ग्रश की शिकायत है कि गोपनीय जानकारी का खुलासा करने का उन्हें बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.

दावों की सच्चाई
वॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वह लोग जो खुद के व्हिसिलब्लोअर होने का दावा करते हैं उन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाता है, विश्वसनीय जो साक्ष्य के साथ सच बोलते हैं, अविश्वसनीय व्यक्ति और कुछ जो इन दोनों श्रेणियों के बीच में आते हैं.ग्रुश के मामले में, वह मान चुके हैं कि उन्हें यूएफओ से जुड़े कथित कार्यक्रमों की प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से किसी क्राफ्ट को देखा भी नहीं है या मृत एलियन पायलट भी कभी उनकी नजर में नहीं आया है. यहां तक कि उनका यही दावा रहा है कि वह दूसरों की उनके साथ साझा की गई जानकारी बता रहे हैं. जिसने उन्हें यह जानकारी दी, उन स्रोतों की पहचान और विश्वसनीयता भी साफ नहीं हुई है, ऐसे में उनके दावों की सत्यता पर संदेह होता है.

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अभी नहीं दिया है कोई विशेष विवरण
अभी तक, ग्रुश ने इन आरोपों के बारे में किसी विशेष विवरण का सार्वजनिक रूप से खुलासा भी नहीं किया है. इस बारे में उनके समर्थकों का तर्क है कि वर्गीकृत जानकारी का खुलासा करना कानूनी तौर पर गलत है, इसलिए वह इस मामले में चुप हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्होंने इन संस्थाओं से झूठ बोलने के कानूनी परिणामों की जानकारी है, और उन्होंने इसे जानते हुए महानिरीक्षक और कांग्रेस को वर्गीकृत जानकारी प्रदान की है.

हालांकि, ग्रश के आरोप पर संदेह रखने वाले सवाल उठा रहे हैं कि क्या ग्रश केवल निराधार कहानियों को बयान कर रहे हैं जो यूएफओ पर विश्वास करने वाले एक विशेष समुदाय के बीच लंबे समय से चली आ रही है. खास बात यह है कि न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉशिंगटन पोस्ट और पोलिटिको जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने ग्रुश की कहानी को अपने प्रकाशन में कोई जगह नहीं दी है. वहीं यूएफओ की खबरों को तवज्जो देने वाले प्रकाशन द डिब्रीफ ने इस खबर को प्राथमिकता दी है.

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हालांकि वॉक्स की रिपोर्ट बताती है कि कांग्रेस और न्यूयॉर्क टाइम्स की बदौलत ही यूएफओ जैसी खबरों को विश्वसनीयता मिली है. पत्रकार लेस्ली कीन ने अपनी पुस्तक में विश्वसनीय रिपोर्ट संकलित की, जिसे व्हाइट हाउस के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ जॉन पॉडेस्टा का भी समर्थन प्राप्त है. एक पूर्व रक्षा अधिकारी क्रिस्टोफर मेलन ने कीन को लुइस एलिजोंडो से मिलवाया, जो अज्ञात हवाई वस्तुओं की जांच करने वाली एक गुप्त सरकारी पहल का नेतृत्व करते थे.

ग्रश के दावों की होगी समीक्षा
बाद में, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने 2017 में सैन्य पायलटों के मुठभेड़ों के प्रमाणित वीडियो के जरिए अज्ञात हवाई वस्तुओं की जांच की गुप्त सरकारी पहल का नेतृत्व करने वाले एलिजोंडो के दावों पर एक कहानी प्रकाशित की थी. तमाम संदेहों के बावजूद, कहानी की वजह से पेंटागन ने गहन जांच और यूएपी टास्क फोर्स की स्थापना की थी. डेविड ग्रश इसी दफ्तर में काम करते थे. ऐसे में ग्रश पर विश्वास रखने वाले और संदेह करने वाले, दोनों ही पक्षों का अनुमान है कि महानिरीक्षक और कांग्रेस ग्रश के वर्गीकृत दावों की समीक्षा करेंगे. हालांकि, संदेह रखने वाले मानते हैं कि ग्रश ने जो विशेष जानकारी प्रदान की है उसका कभी भी खुलासा नहीं किया जा सकता है. ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस की जांच का या तो नतीजा कुछ नहीं निकलेगा या ग्रश के दावों को खारिज कर दिया जाएगा.

Tags: America News, Intelligence agency

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Author: Jagran Times

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