राजस्थान रोडवेज: 590 बसों का टेंडर हुआ निरस्त, सड़कों पर दौड़ रही 1200 खटारा बसें, जान जोखिम में

हाइलाइट्स

राजस्थान रोडवेज अपडेट
रोडवेज के बेड़े में है तीन हजार बसें
रोडवेज को जरुरत है दो हजार नई बसों की

जयपुर. राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) के अच्छे दिन आने का नाम नहीं ले रहे हैं. हाल ही में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने राजधानी जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर नए टर्मिल का उद्घाटन किया था और कहा कि रोडवेज की हर जरूरत को पूरा किया जाएगा. इस उद्घाटन के कुछ दिनों बाद रोडवेज चैयरमेन ने 590 नई रोडवेज बसों के टेंडर को निरस्त कर दिया. अब नई बसों की खरीद अब कब होगी इसका कोई अता पता नहीं है. जबकि इस रोडवेज में इस वक्त खटारा हो चुकी 1200 बसें अभी भी यात्रियों को लेकर सड़कों पर दौड़ रही हैं.

राजस्थान रोडवेज में सभी श्रेणी की बसों की संख्या मिलाकर लगभग 3 हजार है. मार्च महीने में रोडवेज विभाग ने समय अवधि पूरे होने पर 1200 बसों को तकनीकी रूप से अक्षम करार दे दिया था लेकिन उन बसों को अब भी विभाग चला रहा है. सीएम गहलोत ने बजट घोषणा में 1 हजार नई सर्विस मॉडल बसों की खरीद की घोषणा की थी. रोडवेज यूनियन का कहना है कि सरकार साफ करे कि सर्विस मॉडल क्या होगा और नई बसों की खरीद का टेंडर अगर निरस्त किया गया है तो नया टेंडर कब होगा. नई बसों की खरीद कब होगी.

आपके शहर से (जयपुर)

रोडवेज चैयरमेन का तर्क बजट बहुत ज्यादा है
रोडवेज विभाग ने घोषणा के अनुरूप एक हजार में से 590 बसों का टेंडर तैयार कर लिया था. इस टेंडर के मुताबिक नई बसों की खरीद पर अनुमानित 140 करोड़ रुपये का खर्चा आना था. लेकिन रोडवेज चैयरमेन आनंद कुमार ने इस टेंडर को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि बजट बहुत ज्यादा है. 119 करोड़ से ज्यादा का बजट नहीं होना चाहिए. इससे अब नई बसों की खरीद का मामला खटाई में पड़ गया है.

रोडवेज यूनियन बोली दो हजार बसों की खरीद होनी चाहिए
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता एमएल यादव का कहना है कि यह वादा खिलाफी है. 1 हजार बसों से रोडवेज का कुछ नहीं होगा. वर्तमान समय में रोडवेज में यात्रीभार के हालात को देखते हुए 2 हजार बसों की खरीद होनी चाहिए. फिलहाल रोडवेज विभाग के अधिकारी इस मुद्दे पर बोलने के लिए तैयार नहीं है. नया टेंडर कब बनेगा किसी को पता नहीं है. फिलहाल 1200 खटारा बसों की सर्विस करके उन्हें लगातार चलाया जा रहा है. जबकि उनकी एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी है. समय पर बेड़े में नई बसें शामिल नहीं की गई तो किसी हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.

Tags: Bus Services, Jaipur news, Rajasthan news, Rajasthan Roadways

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया