पूरे साल फल देने वाला मुनगा का पेड़ है स्वास्थ्य के लिए लाभकारी, जानें फायदे

अर्पित बड़कुल/दमोह. मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में कई ऐसे बेशकीमती पेड़ पौधे मौजूद हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. उन्हीं में से एक मुनगा का पेड़ है, जिसे सहजन कहा जाता है. इसका वानस्पतिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है, जो एक बहु उपयोगी पेड़ है. इसे सहजन, सुजना, सेंजन और बुंदेलखंड क्षेत्र में इसे मुनगा के नाम से जाना जाता है.

इस पेड़ के भिन्न-भिन्न भाग अनेकानेक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. जिस कारण इस पेड़ को विशेष प्रजाति में शामिल किया गया है. इसकी खासियत यह होती है कि यह पेड़ बारहमासी फल देने वाला होता है, जिस फल की लंबाई 3 फिट से अधिक होती है. वहीं ग्रामीण इलाकों में सामान्य मुनगा की लंबाई महज 1 फीट या डेढ़ फिट तक ही होती है.

गर्मियों में किया जाता है इसका सेवन

इसका फल खाने में काफी स्वादिष्ट होता है, जिसमें पर्याप्त गुदा और पोषक तत्वों से युक्त होता है. ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में इस फल को कौस के नाम से जाना जाता है. इसका सेवन गर्मी के समय किया जाता है.  इस पेड़ में एंटी-डायबिटिक गुण पाया जाता है, जो मरीज के शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है. एंटीआक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा मौजूद होने के कारण सहजन की पत्तियों का सेवन आपके शरीर में इंफ्लेमेशन यानी सूजन के कारण होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने में किया जाता है. फल के अलावा इसके पत्तों में संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन सी और केले से 15 गुना ज्यादा पोटैशियम पाया जाता है.

पूरे 300 रोगों के उपचार में आता है काम

आयुर्वेद में सहजन को पूरे 300 रोगों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है. इसलिए इसे कुछ लोग चमत्कारी पेड़ भी कहते हैं. यह पेड़ सामान्य परेशानी जैसे बाल झड़ने से लेकर अस्थमा और आर्थराइटिस रोगों के लिए फायदेमंद है. आयुष चिकित्सा विभाग अधिकारी डॉ. राजकुमार पटेल ने बताया कि आज के दौर में संतुलित आहार लेना बहुत ही बड़ी मुसीबत बन चुकी है. लोगों ने अपनी जीवनशैली में काफी बदलाव किया है, जिस कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी आ जाती है. जिसको पूरा करने के लिए सब्जियों, फलों का जूस इत्यादि का सेवन किया जाता है.

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Author: Jagran Times

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