कैरन काजी: 14 वर्षीय स्पेसएक्स इंजीनियर, 11 साल की उम्र में गया कॉलेज, 2 साल में बोलने लगा था पूरे वाक्य

हाइलाइट्स

कैरन काजी फिलहाल अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहता है.
वह अभी कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है.
कैरन ने अपनी नई जॉब की जानकारी लिंक्डिन पर दी थी.

नई दिल्ली. कैरन काजी (Kairan Quazi) नाम का एक किशोर अभी काफी चर्चा में है. कैरन स्पेसएक्स की स्टारलिंक इंजीनियरिंग टीम से बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुड़ेंगे. उन्हें यह पोजिशन ‘टेक्निकली चैलेंजिंग फन’ इंटरव्यू के सफलतापूर्वक पास करने के बाद ऑफर हुई है. उसने इसकी जानकारी अपने लिंक्डिन अंकाउंट के जरिए दी है. कैरन ने स्पेसएक्स को दुनिया की सबसे मजेदार कंपनी बताया है.

कैरन ने अपने पोस्ट में लिखा, “अलग पड़ाव: स्पेसएक्स! मैं दुनिया की सबसे मजेदार कंपनी में स्टारलिंक इंजीनियरिंग टीम के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर जुड़ुंगा. यह कुछ बेहद चुनिंदा कंपनियों में से एक जिसने परिपक्वता और क्षमता को मापने के लिए उम्र जैसे पिछड़े पैमाने का इस्तेमाल नहीं किया.” ऐसा पहली बार नहीं है जब कैरन चर्चा में आया है. वह 2 साल की उम्र से सुर्खियों में है.

ये भी पढ़ें- जूम कॉल पर 900 एम्‍प्‍लॉयीज को निकालने वाले CEO का नया ऐलान, कर्मचारियों पर फिर टूटेगा कहर!

बोलने लगा था पूरे वाक्य
कैरन जब 2 साल का था तब वह पूरे वाक्य बोलने लगा था. उस समय LA Times ने इस बारे में खबर की थी. जब कैरन तीसरी क्लास में था तो उसे स्कूल से मिलने वाला काम बहुत औसत लगने लगा. उसे लगा कि वह काम उसकी नॉलेज को बढ़ाने के लिए काफी नहीं है. इसके कुछ महीनों बाद काजी को इंटेल लैब्सा में एआई रिसर्च को-ऑप फेलो के तौर इंटर्नशिप मिल गई. कैरन ने 11 साल की उम्र में कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए कॉलेज में दाखिला ले लिया. कैरन फिलहाल सैंटा क्लैरा यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के छात्र हैं. यहां भी वह एक कीर्तिमान बनाएगा. कैरन इस कॉलेज का सबसे युवा ग्रेजुएट होगा.

काजी का आईक्यू लेवल
काजी अद्भुत दिमाग वाला लड़का है. उसका आईक्यू आम लोगों के आईक्यू से 99.9 पर्सेंटाइल ऊपर है. काजी कोई किताबी कीड़ा है ऐसा भी नहीं है. उसे असेसिन क्रीड जैसी गेम्स खेलना पसंद है. उसके माता-पिता कहते हैं कि वह सबसे घुलमिलकर रहने वाला लड़का है. काजी अब जल्द ही अपनी मां के साथ वॉशिंगटन शिफ्ट करेगा. फिलहाल वह कैलिफोर्निया में रहता है.

Tags: Business news in hindi, Elon Musk, Space scientists

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया