
(शैलेन्द्र सिंह)
भोपाल. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अलग-अलग वर्ग को साधने में जुट गए हैं. दोनों ही राजनीतिक दलों की निगाहें आदिवासी वोटर्स पर टिकी हैं. क्योंकि, ऐसा माना जाता है कि मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग जिसके साथ खड़ा होता है उसी पार्टी की सरकार बनती है. इसलिए मध्य प्रदेश कांग्रेस के तमाम बड़े नेता लगातार आदिवासी इलाकों में दौरे करके 2018 के प्रदर्शन को बरकरार रखना चाहते हैं. इधर, कांग्रेस के इस किले में बीजेपी सेंधमारी की कोशिश कर रही है. राज्यसभा सांसद और कद्दावर आदिवासी नेता डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी 20 जून को निमाड़ के महेश्वर में जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन करने जा रहे हैं.
बताया जा रहा है किसी रथयात्रा में एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे. इनमें बड़ी संख्या में मालवा निमाड़ के जनजातीय वर्ग के लोग होंगे, जो परंपरागत वेशभूषा में इस रथ यात्रा में शामिल होंगे. माना जा रहा है कि बीजेपी धार्मिक यात्राओं के माध्यम से आदिवासी वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की जुगत में जुटी हुई है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कुल 47 विधानसभा सीटें जनजातीय वर्ग के लिए आरक्षित हैं. 2018 में 30 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी. उसकी दम पर ही कांग्रेस 2018 में सत्ता के सिंहासन पर काबिज हुई थी.
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कांग्रेस ने कसा बीजेपी पर तंज
कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हाफिज का कहना है कि बीजेपी में हर कोई अपना अपना चेहरा चमकाने में लगा हुआ है. सुमेर सिंह सोलंकी के बारे में तो यह भी अफवाह होती है कि वह सीएम बनने वाले हैं, प्रदेश अध्यक्ष बनने वाले हैं या फिर डिप्टी सीएम बनने वाले हैं. लेकिन, ऐसा कुछ होता नहीं है. बीजेपी के नेता अलग-अलग वर्गों को साथ कर अपनी राजनीति चमका रहे हैं. लेकिन, सभी वर्गों के लोग इनकी नीतियों और नियत को भलीभांति समझ चुके हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 09:26 IST









