
प्रदीप कश्यप/सतना: अपने अक्सर देखा होगा कि जेल का नाम सुनकर लोगों को पसीना आ जाता है. लेकिन सतना की केंद्रीय जेल में हत्या जैसे जघन्य अपराध में आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला बंदियों के बच्चों को आज केंद्रीय जेल अधीक्षक लीना कोष्टा द्वारा घुमाने का कार्य किया गया. केंद्रीय जेल अधीक्षक द्वारा महिला बंदियों के 3 बच्चों को शहर के बीटीआई ग्राउंड में लगे मेले में लाया गया.
यहां पर बच्चों ने झूले-झूले और पॉपकॉर्न, गुड़िया के बाल जैसी चीजें खाई. बच्चों ने इस मेले का आनंद लिया. उनके चेहरे खिल उठे, वह बेहद खुश नजर आए. महिला बंदी के बेटे प्रशांत साहू ने बताया कि वह मेले में आया तो उसे बहुत अच्छा लगा. मेले में खूब घूमे, झूला झूले, पॉपकॉर्न लिए, गुड़िया के बाल खाए. उसने कहा कि उसे मैम मेला घुमाने लाई हैं और उसने खूब मजे किए.
बच्चों को घुमाना एक नियम
इस बारे में जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने बताया कि जेल में आजीवन कारावास की महिला बंदियों के साथ जो भी बच्चे रह रहे हैं, उनको बाजार लाना, मेला घुमाना यह हमारे नियम में भी है. इसलिए यहां पर लाया जाता है कि यह जेल के अंदर माहौल से एक अच्छा माहौल बाहर देखने को मिलता है, जिसे यह महसूस कर सकें. कहा कि वर्तमान में केंद्रीय जेल में 4 महिला बंदियों के छोटे बच्चे हैं, जिसमें से एक बच्ची छोटी थी और वह मेले में नहीं आई, लेकिन तीन बच्चों को मेला लाया गया है, जिनका नाम प्रशांत, तपस्या एवं नित्या हैं. मेला घूम कर बच्चों को बहुत अच्छा लगा और उन्हें खूब मजा आया.
मिलता है अच्छा माहौल
उन्होंने आगे कहा कि जेल के अंदर जो वहां का रूटीन है, उसी समय पर वह अपनी दिनचर्या बिताते हैं, लेकिन इसके अलावा भी बच्चों को कुछ और देखने को मिले जिसके चलते आज तीन बच्चों को केंद्रीय जेल से बीटीआई ग्राउंड में लगे मेले में लाया गया है. तीनों बच्चों के मां को आजीवन कारावास की सजा है. वहीं प्रशांत के माता-पिता दोनों आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. बच्चों को बाहर लाया गया तो उन्हें परिवारिक माहौल मिलता है.
.
Tags: Jail story, Mp news, Satna news
FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 19:36 IST









