
लखनऊ: इस साल नगर निकाय चुनाव में सबसे युवा पार्षद बने हैं. लखनऊ के हिमांशु अंबेडकर जो महज 22 साल के हैं. उन्होंने जोन-8 शारदा नगर प्रथम में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी शशि कुमार को 2762 वोटों से हरा दिया है. कानून की पढ़ाई कर रहे हिमांशु अंबेडकर ने बताया कि उन्होंने कोविड-19 जैसे संवेदनशील पलों में लोगों की खूब मदद की थी. उनके सुख दुख में शामिल हुए थे. चुनाव प्रचार के दौरान भी सुबह 6 बजे उठकर मॉर्निंग वॉक करने वालों से लेकर लोगों के घर-घर जाकर उन्होंने प्रचार किया है. वार्ड के प्रमुख लोगों से भी मुलाकात करके उनकी दिक्कतों को जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि जीतने पर इन दिक्कतों को दूर किया जाएगा. यही वजह है कि जनता ने भरोसा जताया और भारी मतों से उन्हें पहली बार चुनाव लड़ने पर ही पार्षद बना दिया.
उन्होंने बताया कि उनके पिता गंगाराम अंबेडकर जोकि मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उन्होंने बहुत साथ दिया और उन्हें सामाजिक कार्यों से जोड़ा भी. उसी का फायदा इन्हें इसमें मिला. अपनी इस जीत का श्रेय हिमांशु अंबेडकर ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वार्ड के विधायक राजेश्वर सिंह को दिया है.
पार्को का सौंदर्यीकरण कराएंगे
हिमांशु अंबेडकर ने बताया की शपथ लेने के बाद सबसे पहले वह अपने क्षेत्र के जितने भी पार्क हैं उनका सौंदर्यीकरण कराएंगे ताकि लोग उसमें घूम सकें. बच्चे खेल सकें. इसके अलावा क्षेत्र में नाली और सड़कों की जो दूसरी समस्याएं हैं उन पर भी धीमे-धीमे काम किया जाएगा.
पिता रह चुके हैं मायावती के OSD
फतेहपुर के रहने वाले हिमांशु अंबेडकर के पिता गंगाराम अंबेडकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के ओएसडी रह चुके हैं. हिमांश अंबेडकर के पिता गंगाराम अंबेडकर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने युवाओं के हाथ इस बार जो कमान दी जो दांव खेला वह सफल रहा और सबसे युवा पार्षद बनने का रिकॉर्ड भी बन गया. वार्ड के विधायक राजेश्वर सिंह के कामों का अभी काफी हद तक हिमांशु अंबेडकर को फायदा मिला.
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FIRST PUBLISHED : May 15, 2023, 09:11 IST









