
नरेश पारीक/ चूरु. संगीत के क्षेत्र में चूरु को देशभर में पहचान दिला चुके पं. कृष्णानंद व्यास के तबला वादन के आज भी हजारों मुरीद है. तबलावादन की दुनिया में ख्यातनाम शहर के तबला नवाज पं व्यास आज भी पूरी शिद्दत से अपने शिष्यों को घर पर निःशुल्क संगीत की तालीम दे रहे हैं. इनके शिष्य भी इनके नक्शे- कदम पर चलकर आकाशवाणी दूरदर्शन पर प्रस्तुतियां देकर संगीत की खनक बिखेर रहे है. महज 7 वर्ष की उम्र में संगीत की दुनिया से जुड़े पं व्यास आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है. जीवन के 82 बसंत देख चुके पं व्यास अपनी संगत और लयकारी को मजबूत करने के लिए रेडियो के साथ वे तीन से आठ घंटे तक रियाज करते थे. बचपन में चूरू के तबलानवाज जुगल खां से तबले की तालीम हासिल की. उसके बाद वर्षों तक प्रसिद्ध तबला वादक पं. किशन महाराज, अहमद खां थिरकवा से भी तबले की बारीकियां सीखकर संगीत रत्न संगीत भूषण व संगीत विशारद की उपाधिया प्राप्त की.बीकानेर, जयपुर, पटना, राची व गुवाहाटी के आकाशवाणी केंद्रो व जयपुर दूरदर्शन से इनके कार्यक्रम लाइव प्रसारित हो चुके है.
नामी हस्तियों के साथ संगत कर चुके है
व्यास देश के ख्यातनाम गायक पं. जसराज, पं. राजन-साजन मिश्र, पं. प्रताप नारायण, पं. उमेश, पं मणिप्रसाद, पं. मोहन मिश्रा, संजय अभयशंकर, कंकणा बनर्जी, सविता देवी, शांति शर्मा, शोभा चकवर्ती इमामुद्दीन खा, फैयाज खां, विहारीलाल कथम, शोभा मुदगल, एलके पंडित, मीता पंडित, भारत चक्रवर्ती पुलमादास जोशी के साथ विभिन्न मंचों पर संगत कर चुके है. संगीत भारती बीकानेर से तालश्री की उपाधि, गुवाहाटी से बेजोड़ तबला वादक पुरस्कार, रांची से ताल मार्तंड सम्मान प्राप्त किया. बीकानेर में संगीत मनीषी पं. जयचंद शर्मा अवार्ड के अलावा पद्मश्री अल्लाह जिलाई बाई स्मृति मांड अवार्ड प्राप्त कर चुके है.
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FIRST PUBLISHED : May 11, 2023, 14:13 IST









