Alwar News : इस जेल के कैदी अब शहर के साथ लोगों की घरों की बढ़ाएंगे शोभा, जानिए कैसे

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 पीयूष पाठक/ अलवर. एक आरोपी द्वारा अपराध करने के बाद हर कोई व्यक्ति उसे एक अपराधी की नजर से देखता है कि उसके हाथ से जुल्म और अपराध किया हुआ है और वह अपराध के दलदल में डूबता चला जाता है. लेकिन अलवर जिले की सेंट्रल जेल ने एक अनोखा नवाचार किया है. जिससे जिन हाथों में कभी अपराध करने के लिए हथियार होता था. वह अब नर्सरी और बागवानी के जरिए पेड़ पौधे लगाकर लोगों के आंगन और अलवर शहर को सुंदर बनाएंगे. इससे ना केवल अपराधियों के जीवन में परिवर्तन होगा बल्कि उन्हें एक रोजगार का अवसर भी मिलेगा. जिससे वह आने वाले समय में अपराध के दलदल में दोबारा ना जाते हुए रोजगार की ओर आगे बढ़ेंगे और अपना घर परिवार का भरण पोषण करेंगे. इसके तहत बंदियों की ओर से सजावटी और फूलों के पौधे उगाए जाएंगे.

जेल प्रशासन के अनुसार जेल की नर्सरी में तैयार होने वाले इन पौधे आमजन को बेचे जाएंगे. इसकी शुरुआत जल्द ही अलवर सेंट्रल जेल से होने जा रही है. इसके पहले बंदियों को पेड़-पौधे लगाने और उनकी सार-संभाल के लिए स्किल डवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके बाद जेल के बंदी नर्सरी में चाइना पाम, एरिक पाम, बोटल पाम, मनी प्लांट, देशी और इंग्लिश गुलाब, मोगरा, गैंदा, गुलदाउदी, क्रिसमस-ट्री सहित विभिन्न वैरायटी के के सजावटी और फूलों के पौधे तैयार करेंगे. इस काम के लिए उन्हें वेतन भी दिया जाएगा.

प्रदेश के कारागार मंत्री कुछ माह पहले तमिलनाडू की पूझल जेल का निरीक्षण करने गए थे. वहां जेल में शानदार नर्सरी विकसित की हुई थी. वहां बंदियों की ओर से सजावटी व फूलों के पौधे तैयार किए जा रहे थे. नर्सरी से पौधे लोगों को बेचे जा रहे थे. इससे मंत्री जूली काफी प्रभावित हुए और पूझल जेल से मंत्री जूली को राजस्थान की जेलों नर्सरी विकसित करने का आइडिया आया और उन्होंने अलवर सेंट्रल जेल से इसकी शुरुआत की तैयारी कर ली है. अब अलवर जिला कारागृह मे सजावटी व फूलों के पौधे तैयार किए जाएंगे. उन्हें नर्सरी के माध्यम से आमजन को बेचा जाएगा.

अलवर सेंट्रल जेल में विकसित की जाने वाली नर्सरी में सीमेंट के गमले भी तैयार किए जाएंगे. इन गमलों को रंग-बिरंगे कलर कर बेचा जाएगा. गमले पौधे सहित भी बेचे जाएंगे. जेल की नर्सरी में तैयार किए जाने वाले पौधे और गमलों को आमजन को बेचा जाएगा. इससे विभाग की आय भी होगी और बंदियों को रोजगार भी मिल सकेगा.

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FIRST PUBLISHED : May 11, 2023, 13:58 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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