जमीन के नीचे नोटों का खजाना! तीन ड्रमों में मिले 500-500 के नोटों की जांच करने पहुंची इनकम टैक्स टीम, करोड़ों की रकम का स्रोत खंगाल रही एजेंसी।
प्रयागराज: जमीन के नीचे दबाकर रखी गई करोड़ों की नकदी का रहस्य अब आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ गया है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर-रामनगर गांव में एक मकान के अंदर जमीन खोदकर निकाले गए तीन ड्रमों में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिलने के बाद अब इनकम टैक्स विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम बरामद नकदी की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी बड़ी रकम कहां से आई और क्या मकान या आसपास की किसी दूसरी जगह पर भी नकदी छिपाकर रखी गई है।

बरामद नोटों की गिनती बैंक कर्मचारियों द्वारा आयकर विभाग की मौजूदगी में कराई जाएगी। गिनती पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रमों से कुल कितनी रकम बरामद हुई है। फिलहाल करोड़ों रुपये की नकदी मिलने की चर्चा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर रकम की पुष्टि नहीं हुई है।
दरअसल, पुलिस ने बुधवार को गोपनीय सूचना के आधार पर यादव परिवार के मकान में छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान जब कमरे के फर्श की खुदाई कराई गई तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। जमीन के अंदर काली पन्नियों की कई परतों में लपेटकर तीन ड्रम छिपाए गए थे। ड्रमों को बाहर निकालकर खोला गया तो उनके अंदर 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी मिलीं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस मकान में राकेश यादव और राजेश यादव का परिवार रहता है। बताया जा रहा है कि दोनों भाई पहले महाराष्ट्र के पुणे में एक सर्राफा कारोबारी के यहां नौकरी करते थे। कोरोना काल के दौरान दोनों गांव लौट आए थे। इसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव की चर्चा गांव में होने लगी। जमीनों की खरीदारी, ट्रैक्टर और अन्य बड़े खर्चों को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं थीं।
इसी बीच गांव में हुए एक विवाद के दौरान पुलिस को परिवार के मकान में भारी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की गोपनीय सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी गंगानगर पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में एसीपी सोरांव और एसीपी फूलपुर की निगरानी में नवाबगंज और सोरांव पुलिस की संयुक्त टीम ने मकान पर छापा मारा था। खुदाई में तीन ड्रम मिलने के बाद पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर सुरक्षित रखवा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग और अन्य संबंधित जांच एजेंसियों को सूचना दी गई। अब आयकर विभाग की टीम नकदी के स्रोत, परिवार की आय और संपत्ति के साथ-साथ पुराने वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। परिवार के एक सदस्य को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद रकम वैध कारोबारी आय है या इसके पीछे कोई अन्य वित्तीय गतिविधि छिपी हुई है। हवाला, गबन अथवा किसी वित्तीय अनियमितता से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा ये भी पता लगाया जा रहा हैं कि क्या किसी आपराधिक नेटवर्क से तो इनका संबंध नही है।
फिलहाल तीन ड्रमों में मिले नोटों की गिनती और उनके स्रोत की जांच सबसे अहम है। जमीन के नीचे छिपाए गए इस कथित नकदी के खजाने ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अब देखना होगा कि आयकर विभाग की जांच में इस रकम का राज कैसे खुलता है।







