जिलाधिकारी की पहल, शिक्षक संकुल के तर्ज पर जनपद में आयोजित होगा आंगनवाड़ी संकुल*

कौशाम्बी,

रिपोर्ट- ताज उददीन,

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं से लाभार्थियों को त्वरित लाभान्वित करने और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को अपने दायित्वों/कार्यों को और कुशलता से क्रियान्वित करने के लिए, उन्हें सक्षम बनाने के उद्देश्य से अभिनव पहल करते हुए सभी सी.डी.पी.ओ. को शिक्षक संकुल के तर्ज पर प्रत्येक माह की तृतीय मंगलवार एवं तृतीय बृहस्पतिवार को सेक्टरवार आंगनवाड़ी संकुल आयोजित करने के निर्देश दिए है।

*निगरानी एवं गुणवत्ता में होगा और सुधार*

जिलाधिकारी ने कहा कि “आंगनवाड़ी संकुल व्यवस्था से निगरानी एवं गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे कुपोषण उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण तथा बाल विकास की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त होंगे।”

➡️ *आंगनवाड़ी संकुल क्या है?*

आंगनवाड़ी संकुल, एक सेक्टर के अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों का समूह होता है। आंगनवाड़ी केन्द्रों को मिलाकर एक संकुल का गठन किया जाता है।

➡️ *संकुल की मुख्य भूमिकाएँ :*

*पात्र लाभार्थियों का समय से पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकरण,आंगनवाड़ी केन्द्रों के कार्यों की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन।
पोषण ट्रैकर एप पर आंगनबाड़ी केंद्र पर की जाने वाली सभी गतिविधियों की नियमित फीडिंग
*पोषण आहार वितरण, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं गर्भवती/धात्री महिलाओं की देखभाल सुनिश्चित करना।
*प्री-स्कूल शिक्षा गतिविधियों की गुणवत्ता में और सुधार लाना।
निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा प्रदान करना
*आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन।
*केन्द्रों पर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करना।
*आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थित पर विशेष ध्यान देना और पोषण ट्रैक्टर पर हाजिरी दर्ज करना
*बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बनाएं रखना।

➡️ *संकुल स्तर पर की जाने वाली प्रमुख गतिविधियाँ :*
*मासिक समीक्षा बैठक।
*पोषण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम।
*स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर बच्चों का टीकाकरण एवं वी.एच.एस.एन.डी. सेशन को और अधिक प्रभावी बनाना।
*कुपोषित बच्चों की पहचान व देखभाल।
*महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े अभियान।

➡️ *जनपद की स्थिति :*
जनपद में कुल 1775 आंगनवाड़ी केन्द्र क्रियाशील हैं उक्त केंद्र के सापेक्ष 56 संकुलों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक संकुल की प्रगति की समीक्षा सी.डी.पी.ओ./सुपरवाइजर द्वारा की जाएगी।

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Author: Up Head Line

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