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आधार कार्ड बनवाने, अपडेट कराने, मोबाइल नंबर जोड़ने समेत आधार से संबंधित अन्य कामों का निष्पादन करने के लिए चायल नगर पंचायत इलाके में डाकघर, बीआरसी समेत तीन जगहों पर सेंटर संचालित किया जा रहा है। जहां आवेदकों से सेंटर संचालक मनमाने तरीके से अवैध वसूली करते हैं। जो व्यक्ति रुपया देने में आनाकानी या सवाल करते हैं, उनका काम किये बगैर उन्हें कोई बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। मजदूर तबके के लोग धक्का खाने को मजबूर हैं।
शासन ने नए आधार कार्ड का निशुल्क और संशोधन का मामूली शुल्क तय किया है। इसके बावजूद आधार कार्ड बनाने में लगे कर्मचारी छात्रों से लेकर आम लोगों तक से धन उगाही कर रहे हैं। सेंटर पर विभाग द्वारा तय की गयी शुल्क संबंधी कोई सूचना या बोर्ड नहीं लगाया गया है कि नया आधार कार्ड बनाने के लिए कितना शुल्क है। अपडेट और मोबाइल नंबर जोड़ने के लिए क्या शुल्क है। जिसके कारण लोगों को विभाग द्वारा तय की गयी शुल्क की जानकारी भी नहीं है और जो राशि सेंटर संचालक कहते हैं, उन्हें वह राशि देनी पड़ती है। सबसे अधिक गड़बड़ी बीआरसी स्थित सेंटर, डाकघर और संचालित आधार सेंटर पर होता है। यहां आधा दर्जन से अधिक बिचौलिया हमेशा सक्रिय रहते हैं, जो सेंटर संचालक की मिलीभगत से आवेदकों को काम करवाने के एवज में अवैध वसूली करते हैं। आरोप है कि कई दिन से बीआरसी भवन में आधार कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काटने के बाद नहीं बनाया गया। जबकि ऐसे लोग जो दो सौ से तीन सौ रुपए दे रहे हैं उनका आसानी से कार्ड बन रहा है। रुपया न देने वालों को शाम तक बैठाने के बाद वापस कर दिया जाता है। खंड शिक्षा अधिकारी हिना सिद्दीकी ने बताया कि आधार कार्ड नि:शुल्क है और किसी से शुल्क नहीं लिया जा रहा है। बच्चों का आधार बनाने के लिए सेंटर है।
लोगों का आरोप पैसा लेने के बाद भी नहीं हो रहा समय से काम
सिंहपुर गांव निवासी अनराज सिंह पुत्र मनोज कुमार ने बताया बुधवार को वह अपने बच्चे का आधार कार्ड संशोधन कराने के लिए बीआरसी स्थित सेंटर गया था। वहां उनसे मौजूद ऑपरेटर ने आधार कार्ड संशोधन के लिए डेढ़ सौ रुपया लिया है। वहीं पहाड़पुर सुधवर गांव की पूनम कुमारी पुत्री हरिश्चंद्र ने बताया कि वह आधार कार्ड संशोधन कराने के लिए आई थी। सेंटर पर बैठे ऑपरेटर ने उससे सौ रुपया लिया है। पहाड्पुर सुधवर का ही रामभवन पुत्र मुन्ना ने बताया कि वह बीआरसी सेंटर में मोबाइल नम्बर जुड़वाने के लिए गया था। उससे सौ रुपया लिया गया है। चरवा के प्रयास पुत्र राजेश से भी संसोधन के नाम पर सौ रुपया लिया गया है। वहीं नन्हे तिवारी ने बताया कि एक सप्ताह पहले वह अपने बेटे का नया आधार कार्ड बनवाने गए थे। दो सौ रुपया देने के बाद भी उनके बेटे का आधार नहीं बन सका है।






