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संदीपनघाट थाना इलाके के ईंट भट्टों पर मंगलवार को पुलिस ने शिक्षा की अलख जगाई। ईंट भट्ठों पर काम कर रहे मजदूरों के बच्चों और महिलाओं को शिक्षा के प्रति जागरुक किया। इस दौरान महिलाओं और बच्चियों को अधिक सशक्त बनाने व उनमें जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उनको सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी दी गई। सभी महिलाओं को किसी भी अपराध को चुपचाप सहन न करने, निसंकोच पुलिस सहायता लेने व पुलिस के हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया।

एसओ विजेंद्र सिंह मंगलवार को पुलिस टीम के साथ इलाके के ईंट भट्ठों में पहुंच गए। ईंट भट्टों पर काम कर रहे माता-पिता से कहा, “आपके बच्चों का भविष्य ईंटों की दीवारों में कैद होने के लिए नहीं है। ये बच्चे हमारे समाज की नींव हैं, और इन्हें मजबूत बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी है।” उन्होंने मजदूर परिवारों को जागरूक करते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बच्चों को बेहतर जीवन जीने के उपाय बताए। कन्या सुमंगला योजना, मिड-डे मील योजना और मुफ्त शिक्षा योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के तहत लड़कियों को आर्थिक सहायता, बच्चों को पोषण और स्कूल में शिक्षा के लिए हर संभव मदद मिल सकती है। बच्चों को बिस्किट बांटकर उनके साथ आत्मीयता दिखाई। यह सिर्फ एक साधारण तोहफा नहीं था, बल्कि उन बच्चों के लिए एक संदेश था कि वे भी समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। महिलाओं को किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, भेदभाव या यौन उत्पीडन को चुपचाप न सहने हेतु प्रेरित किया गया और बताया गया की सभी थानों पर हर समय महिला पुलिसकर्मी उपस्थित रहती है जिसके द्वारा सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए व गोपनीयता बनाए रखते हुए हरसंभव मदद प्रदान की जाती है। महिलाओं को साइबर सुरक्षा से बचाव के तरीके भी बताए गए। वहीं झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने की भी अपील की गई। एसओ ने भट्टा मालिकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बच्चों से मजदूरी कराई गई तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







