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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सोमवार को चायल के सुधवर गांव स्थित पंचायत भवन में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं को उनका कानूनी अधिकार बताकर जागरूक किया गया।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा प्रस्तावित एक्शन प्लान के तहत एवं जनपद न्यायाधीश कौशाम्बी अनुपम कुमार के निर्देशन पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में सोमवार को सुधवर गांव स्थित पंचायत भवन में सिविल जज जूनियर डिवीजन हेमेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा, महिलाओं के अधिकार व उनके कर्तव्यों के हितों की जानकारी दी। उनके संरक्षण के बारे में जागरूक किया। महिलाओं के हित संरक्षण एवं उन पर होने वाली घरेलू हिंसा से बचाव और अधिकार आदि के बारे में विधिक जानकारी प्रदान की। इसके अलावा गुड टच, बैड टच के बारे में भी बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक किया गया। तहसीलदार पुष्पेंद्र गौतम ने अनैतिक अत्याचार की शिकार महिलाओं या जिनसे बेगार कराया जाता है, अनपेक्षित अभाव, बहुविनाश, जातीय हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप, औद्योगिक विनाश की दशाओं के अधीन सताए हुए लोगों को शासन से चल रही लाभकारी योजनाएं दुर्घटना बीमा, मुआवजा दिलाने जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए भी जागरुक किया। घरेलू हिंसा, दहेज हत्या से संबंधित मामलों की जानकारी देते हुए कहा कि प्राधिकरण में स्थापित मध्यस्थता केंद्र से आपसी सुलह समझौता से समाप्त किया जा सकता है। कहा कि लड़कियां दो-दो घरों को रोशन करती हैं, उन्हें अच्छी शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मुक्तेश द्विवेदी ने महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए संकल्प दिलाया कि वह अपने आस-पास सफाई रखेंगी।






