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नेवादा सहकारी समिति में भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच करने पहुंचे जिला कृषि अधिकारी को मौके पर सब गोलमाल मिला। दर्जनों बोरी डीएपी गोदाम से गायब मिली। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी ने गोदाम को सील कर दिया। सील करने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। गोदाम सील होने से विभाग में हड़कंप मच गया।
शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में किसानों ने डीएम मधुसूदन हुल्गी से नेवादा सहकारी समिति में खाद वितरण में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। वहीं किसानों ने आरोप लगाया था कि सचिव अपने चहेतों को खाद वितरित करते है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को सहकारी समिति की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिला कृषि अधिकारी किसान सेवा सहकारी समिति पर पहुंचे। उन्होंने समिति के कर्मचारियों से खाद वितरण की स्थिति की जानकारी ली। गोदाम में 585 बोरी डीएपी रखी हुई है। जबकि 104 बोरी उर्वरक का कर्मचारी अभिलेख भी नहीं दिखा सके। अनियमितता मिलने पर उन्होंने समिति की गोदाम को सील कर दिया। सूत्रों के अनुसार नेवादा सहकारी समिति पर शुक्रवार को छुट्टी होने के बाद भी एक ट्रैक्टर में डीएपी को लदवाया गया था। शुक्रवार को ही किसानों ने मामले की शिकायत फोन के माध्यम से डीएम से की थी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। इस सम्बंध में सचिव पवन त्रिपाठी का कहना है कि 104 बोरी डीएपी वितरण का मेरे पास आधार कार्ड है। रजिस्टर पर किसानों का नाम भी लिखा है। सिर्फ किसानों का रजिस्टर पर अंगूठा नहीं लग पाया है।







