कुरान व हदीस में मां-बाप के साथ अच्छे सुलूक करने की खुसूसी ताकीद

 

मरहूमा के छमाही की मजलिस में अश्कबार हुईं आंखें

खबर और विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें।

SHABBAR ALI/7007720588

लहना गांव में गुरुवार को मरहूमा कनीज फातिमा सोगरा के छमाही की मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को मौलाना सैयद एहतेशाम हैदर रिजवी ने खिताब किया। मजलिस में मौजूद लोगों ने मरहूमा के बेटों को उनकी मां का पुरसा दिया।

मजलिस की शुरुआत सोजख्वानी से की गई। सोजख्वानी सैयद सिब्तैन हैदर उन्नाव ने पढ़ी। इसके बाद एडवोकेट औन रिजवी, जाफर जाहिद और हसन अतरसुईयावी आदि शायरों ने ताजियाती नज्म पेश की। ईरान (कुम) से आए मौलाना सैयद एहतेशाम हैदर रिजवी ने मजलिस को खिताब करते हुए फरमाया कि कुरान व हदीस में वालिदैन के साथ हुस्ने सुलूक करने की खुसूसी ताकीद की गई है। अल्लाह तआला ने बहुत सी जगहों पर अपनी तौहीद व इबादत का हुकुम देने के साथ वालिदैन के साथ अच्छा बरताव करने का हुक्म दिया है। जिससे मां-बाप की इताअत, उनकी खिदमत और उनके अदब व एहतेराम की अहमियत वाजेह हो जाती है। अल्लाह तआला हम सबको मां-बाप के साथ अच्छा बरताव करने वाला बनाए, उनकी फरमांबरदारी करने वाला बनाए और उनके हुकूक की अदाएगी करने वाला बनाए। इमाम हुसैन के मसायब सुनकर अजादार जारो-कतार रोने लगे। मजलिस के बाद मौजूद लोगों ने मरहूमा के बेटों को उनकी मां का पुरसा दिया।

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Comment

Read More