कौशाम्बी जिले में BKU (अम्बावता) ने शुक्रवार को मंझनपुर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसान पिछले कई सालों से पिपरहटा गांव में सरकारी नलकूप, व धान क्रय केंद्र को बंद न किए जाने की मांग कर रहे है। अफसरों ने प्रदर्शनकारी किसानों की मांग पर कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) ने किसान समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की। बैठक में जनपद के किसानों ने अपनी अपनी समस्याओं को बिंदुवार तरीके से रखा। चायल तहसील के पिपरहटा गांव के किसानों ने सिंचाई की समस्या को लेकर सरकारी नलकूप की मांग उठाई। किसान भाइयों के मुताबिक पिछले कई सालों से जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद भी अफसर सरकारी नलकूप की बोरिंग नहीं करा सके। सिंचाई विभाग के अफसर केवल हिला हवाली कर मामले को ठंडे बस्ते में डाले हुए हैं।
इसके अलावा चायल तहसील के तिलगोड़ी व मनौरी गांव के किसानों ने धान क्रय केंद्र को बंद किए जाने की समस्या को उठाया। स्थानीय किसानों के मुताबिक, दोनों क्रय केंद्रो को भरवारी नगर पालिका में शिफ्ट किया जा रहा है जिसके चलते किसानों को धान बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
संगठन की बैठक में कुल पांच प्रस्ताव पास किया। जिन पर ज्ञापन तैयार किया गया। जिसे जिलाधिकारी को संबोधित कर एसडीएम मंझनपुर को सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से पिपरहटा के नलकूप समस्या तिलगोड़ी व मनौरी की धान क्रय केंद्र समस्या, सीएससी चायल का आम रास्ता चौड़ीकरण, चायल ब्लॉक के सभी वार्ड में आशा बहू की नियुक्ति के मामले को प्रमुखता से उठाया गया।
किसान नेता नरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया, किसान समस्याओं को लेकर उन्होंने डायट मैदान से कलेक्ट्रेट के बीच मार्च निकाल प्रदर्शन किया। मांगो का ज्ञापन दिया गया। जिस पर अफसर ने उन्हें जल्द मांग पर एक्शन लेने का आश्वासन दिया है।






