कौशाम्बी
अधिसाशी अधिकारी ने मैनेज फर्म को दिया करोड़ों रुपए का 70 फीसदी टेंडर!
चरवा नगर पंचायत के ईओ की जिलाधिकारी से हुई शिकायत
डीएम ने जांच करवाई तो होगा चौंकाने वाला खुलासा
कौशांबी : नगर पंचायत चरवा के ईओ ने करोड़ों की लागत का 70 फीसदी टेंडर मैनेज फर्म को दे दिया। गंभीर इल्जाम यह है कि इस फर्म में उनके भाई और रिश्तेदार पार्टनर हैं। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से हुई है। माना जा रहा है कि डीएम ने जांच कराई तो चौंकाने वाला खुलासा होगा। ईओ की गर्दन भी फंस सकती है।
चरवा टाउन एरिया के मजरा उदारपुर निवासी संतोष कुमार ने बताया कि चहेती फर्म की पॉवर ऑफ अटॉर्नी स्थानीय एक व्यक्ति ने अपने करीबी से ले रखी है। यह असरदार व्यक्ति अधिशासी अधिकारी का खासम खास है। बताया जाता है कि पिछले तीन सालों के बीच हुआ करोड़ों के विकास कार्य का 70 प्रतिशत टेंडर ईओ ने इसी व्यक्ति की फर्म मेसर्स लाला सिंह को दिया है। ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन टेंडर भी मैनेज फर्म को ही ईओ देते हैं। टेंडर होने के बाद ईओ के भाई और रिश्तेदार फर्म के साथ हिस्सेदारी करके मनमाने ढंग से कार्य करवाते हैं। जिससे कार्यों में गुणवत्ता नहीं रहती। कभी किसी शिकायत पर जांच होती है तो ईओ अधिकारियों से सांठगांठ कर मामला रफा दफा करवा देते हैं। पिछले साल आउट सोर्सिंग का ठेका मैनेज फर्म को दिया गया था। इस बार भी ठेका रिपीट कर दिया गया है। इसे लेकर नगर पंचायत में पंजीकृत दूसरी फर्म के मालिकों में आक्रोश है। गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने से नागरिक भी खफा हैं। बहरहाल, मामले की शिकायत को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गंभीरता से ले लिया है। वहीं, शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे अपर जिलाधिकारी पर भरोसा नहीं है। इसलिए आरोपों की जांच उनके बजाए किसी ईमानदार जिला स्तरीय अधिकारी से कराई जाए। दावा किया कि जांच में भ्रष्टाचार की परत दर परत खुलेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी का कहना है कि
प्रकरण गंभीर है। इसकी जांच जिलास्तरीय अधिकारी से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। उधर अधिशासी अधिकारी सुभाष सिंह का कहना है कि पूरी पारदर्शिता के साथ टेंडर की प्रक्रिया की जाती है। चहेती फर्म को टेंडर देने का आरोप निराधार है। इसकी जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।







