चित्रकूट
विश्व हिंदू परिषद संगठन के कल से 60 वर्ष पूर्ण होने वाले है जिसको लेकर विश्व हिंदू परिषद जन्माष्टमी के दिन पूरे देश में विश्व हिंदू परिषद अपना स्थापना दिवस मनाएगा और हिंदू भेद को मुक्त करने का अभियान शुरू करेगा जिसके चलते विश्व हिंदू परिषद सभी हिंदुओ के बीच जाकर जाति के भेद को खत्म करने के लिए लोगो से अपील करेगा जिसको लेकर आज विश्व हिन्दू परिषद् के स्थापना दिवस के षष्ठीपूर्ति वर्ष के अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् कानपुर प्रान्त के प्रांत संयोजक आचार्य अजीत राज ( पालक अधिकारी चित्रकूट धाम) ने पत्रकारों से बात करते हुए विश्व हिंदू परिषद द्वारा किए गए कामों और आगे की रणनीति के बारे में बताया है ।
उन्होंने कहा है कि विश्व हिंदू परिषद की ध्येय यात्रा के आगामी श्री कृष्ण जन्माष्टमी को स्थापना दिवस के 60 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं ।इस अवसर पर 24 अगस्त से 1 सितंबर के बीच विश्व हिंदू परिषद व्यापक रूप से पूरे विश्व में स्थापना दिवस एवं षष्ठी पूर्ति के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, इसी क्रम में कानपुर प्रांत के सभी जिलों के केंद्रो, मोहल्लों तथा ग्रामों में उत्सव मनाया जा रहा है ।भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के कालखंड में देश की स्थिति और परिषद की स्थापना के समय देश की स्थिति में पर्याप्त साम्य था। हिंदू विरोधी मानसिकता से ग्रसित तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा को कुचलकर रामसेतु तोड़ने का दुस्साहस किया गया जिस पर परिषद की भूमिका से एक बड़े आंदोलन और सामूहिक संगठित हिंदू का परिचय देकर रामसेतु को न सिर्फ टूटने से बचाया अपितु घर-घर रामसेतु की शिला भेज कर फिर से राम के अस्तित्व और प्रभु राम के समता मूलक समाज के स्वरूप को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

गौ रक्षा, गौ संवर्धन, अमरनाथ श्राइन बोर्ड आंदोलन का कुशल नेतृत्व साथ ही महर्षि देवल, परशुरामाचार्य, स्वामी रामानंद तथा स्वामी दयानंद सरस्वती जी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए परिषद अपने स्थापना काल से ही धर्मांतरित बंधुओ के घर वापसी जैसा सत्कार में भी लगा हुआ है…मठ मंदिर की सुरक्षा और उनका गौरव, अर्चक पुरोहित, तीर्थ और संस्कृत, वेद की पुनर्प्रतिष्ठा का कार्य भी परिषद प्रमुखता के साथ अपने कंधों पर लिए है।






