शादी के 48 महीने बाद महिला की मौत, 11 दिन में चार्जशीट, 216 तारीख, नौ साल बाद सजा
तत्कालीन डीएसपी पूर्णेंदु सिंह ने की थी विवेचना
एडीजे विष्णु देव सिंह ने सुनाया फैसला
हिमांशु भट्ट/मो0 यासीन : कौशांबी
मंझनपुर कोतवाली इलाके के टेन शाह अलमाबाद गांव में ब्याही एक महिला ने पति की प्रताड़ना से अजिज आकर शादी के 48 महीना 27 दिन बाद खुदकुशी कर ली। प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए तत्कालीन डीएसपी पूर्णेंदु सिंह ने विवेचना कर सिर्फ 11 दिन में चार्जशीट लगा दी। प्रकरण कोर्ट पहुंचा तो तारीख पर तारीख का दौर 216 बार चला। लगभग नौ साल बाद गुरुवार को अदालत ने आरोपी पति को सजा सुनाई। उसपर जुर्माना भी लगाया गया है।
मंझनपुर के खनवारी निवासी मानसिंह ने बताया कि उसने अपनी बहन रिंकी की शादी 6 मई 2011 को टेन शाह आलामाबाद गांव में राकेश पुत्र रामदास संग की थी। शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर पति राकेश विवाहिता को प्रताड़ित करने लगा। उसने इस कदर उत्पीड़न किया कि सात तीन जुलाई 2015 को पीड़िता रिंकी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतका के भाई की तहरीर पर उसी रोज पुलिस ने केस दर्ज किया। मंझनपुर के तत्कालीन डीएसपी पूर्णेंदु सिंह ने गंभीरता दिखाते हुए महज 11 दिन में विवेचना कर 14 जून को चार्जशीट दाखिल कर दी। प्रकरण कोर्ट पहुंचा तो 216 तारीखें लगीं। इंसाफ की राह ताक रहे मृतका के परिजन हर तारीख पर कोर्ट का चक्कर काटते रहे। इधर बीच पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने पैरवी तेज की। गुरुवार को अपर जिला एवम सत्र न्यायाधीश विष्णु देव सिंह ने प्रकरण की सुनवाई की। कुल छह गवाहों का परीक्षण हुआ। साक्ष्यों का अवलोकन करने और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी पति को आठ साल कारावास व 16 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट का फैसला सुनते ही मुकदमे की पैरवी कर रहा मृतका का भाई मानसिंह भावुक हो गया। उसने कहा कि भले इतनी तारीखें लगीं लेकिन, इंसाफ की राह अब आसान हो गई है।
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पूर्णेंदु को मिल चुका है स्वर्ण पदक
महिला की मौत मामले में सिर्फ 11 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने वाले तत्कालीन डीएसपी पूर्णेंदु सिंह अन्य कई मुकदमे में भी ऐसा कर चुके हैं। इसी बेहतर कार्य के लिए वर्ष 2023 में उन्हें भारत सरकार ने स्वर्ण पदक प्रदान किया था। पूर्णेंदु सिंह अब प्रमोशन के साथ अपर पुलिस अधीक्षक बन चुके हैं।






