तपोभूमि’ में गर्म हवा ठंडे बादलों से संपर्क कर गिरा रही ‘बिजली’ -10 दिन के भीतर आधा दर्ज से अधिक की मौत, दर्जनों झुलसे

तपोभूमि’ में गर्म हवा ठंडे बादलों से संपर्क कर गिरा रही ‘बिजली’

-10 दिन के भीतर आधा दर्ज से अधिक की मौत, दर्जनों झुलसे

-वज्रपात की बढ़ती घटनाओं से दोआबावासी दहशतजदा

हिमांशु भट्ट /मो. यासीन

कौशांबी: ठंडे बादलों से जुगलबंदी कर जमीन की गर्म हवा तथागत की तपोभूमि यानी कौशांबी में आकाशीय बिजली गिरा रही है। बिजली की चपेट में आकर जिले में 10 दिन के भीतर अब तक आधा दर्जन से अधिक जानें जा चुकी हैं। बीते कुछ सालों की तुलना में इस बार बिजली गिरने की घटनाएं कुछ ज्यादा ही हो रही हैं। जलवायु परिवर्तन को भी इसका एक अहम कारण माना जा रहा है। वहीं, लगातार हो रही घटनाओं को लेकर जनपदवासी दहशतजदा हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में के बनर्जी वातावरणीय एवं समुद्रीय विज्ञान विभाग के प्रो. शैलेंद्र राय ने बताया कि आसमानी हवाओं और बादलों में बड़े बर्फ के क्रिस्टलों की ज्यादा संख्या वज्रपात की बढ़ती घटनाओं की जिम्मेदार हो सकती है। बारिश कम होने से ऐसे बड़े क्रिस्टल बनने की संभावना रहती है। अभी तक अपेक्षा से कम बारिश हुई है। परिणाम है कि आसमान की ठंडी हवा-बादल व जमीन से उठने वाली गर्म हवाएं जैसे ही संपर्क में आती हैं, वैसे ही दो तरह के चार्ज धनात्मक-ऋणात्मक बन जाते हैं। इनके डिस्चार्ज होने से बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं। जिले के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार का कहना है कि आकाशीय बिजली तो प्राकृतिक घटना है लेकिन, इसकी आवृत्ति का बढ़ना और अधिक जानलेवा होना जलवायु परिवर्तन का बड़ा कारण है।
—-
गरजते बादलों से नहीं चमक से डरिए
आकाशीय बिजली की बढ़ती घटनाओं से लोग खौफ खा चुके हैं। वह बादलों की गर्जना से डरने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि तकनीकी तौर पर चमक की गति तेज होती है और आवाज की गति धीमी होती है। बिजली गिरने पर चमक पहले दिखती है। जबकि अंतर घटना के बाद गर्जना सुनाई देती है। इसलिए चमक से डरने की जरुरत है। गर्जना से नहीं।
—-
छह दिन में पांच की मौत, दर्जनों झुलसे
जिले में छह दिन के भीतर पांच लोगों की मौत हो चुकी है और आकाशीय बिजली गिरने से दर्जनों झुलस चुके हैं। अभी मंगलवार को ही पश्चिमशरीरा क्षेत्र के लोधन का पुरवा और धवाड़ा गांव में रानी देवी, शिवाकांत व उर्मिला देवी सहित तीन लोगों की वज्रपात ने जान ली थी। इस दिन बड़ी संख्या में खेतों पर काम कर रही 20 महिलाएं झुलस भी गई थीं। दर्दनाक घटना को लोग भूले नहीं थे कि गुरुवार को हुए वज्रपात ने करारी क्षेत्र के सल्लहा निवासी संजीत कुमार और कौशाम्बी क्षेत्र के बनी खास गांव की गंगा देवी को काल के गाल में धकेल दिया। उसी रोज मलाक निंदूरा तथा अंधावां सरकारी स्कूलों के पास बिजली गिरने से तीन नौनिहाल झुलसे थे।


—–
वज्रपात से बचाव के तरीके
-जब बिजली कड़कने लगे तो खुले में न रहें। सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
-तालाब, झील या स्विमिंग पूल जैसे जल स्रोतों से दूर रहें।
-बिजली के खंभे, तार, रेलिंग और अन्य धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
-पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि बिजली पेड़ पर गिर सकती है।
-यदि आप गाड़ी में हैं तो वहीं रहें और खिड़कियां बंद रखें।
-घर में लगे इलेक्ट्रानिक उपकरण और बिजली के कनेक्शनों को बंद कर दें।

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Comment

Read More