श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से बदलता है मनुष्य का जीवन

कौशाम्बी

श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से बदलता है मनुष्य का जीवन

सिराथू तहसील क्षेत्र की लच्छीपुर ग्राम सभा में चल रहे श्रीमद् भागवत उत्सव के तीसरे दिन कथा व्यास –
परम् पूज्य श्री धनञ्जय दास जी महाराज मलूकपीठ वृन्दावन
ने कहा कि जाने अनजाने में मनुष्य से कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया। कथा व्यास ने कहा कि जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नरसिंह अवतार आदि प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। उन्होंने भगवत कीर्तन करने, ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर ज्ञान प्राप्त करने व अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। भजन मंडली की ओर से प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रोता भाव विभोर होकर नाचने लगे। मानव को ज्ञानी बनाता है। वैराग्य में मानव संसार में रहते हुए भी सांसारिक मोहमाया से दूूर रहता है। उन्होंने वाराह अवतार सहित अन्य प्रसंगों पर प्रवचन, भक्त नरसी मेहता के जन्म, उनकी श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति समेत कई प्रसंग सुनाए।
कथा में मुख्य रूप से परम् पूज्य पुरुषोत्तम दास जी महाराज अयोध्या धाम, आचार्यद

सत्यनरायण जी उड़ीसा,आचार्य सुनील जी संस्कृत विद्यालय, राम प्रकाश ओझा, राजु ओझा एडवोकेट,बद्री त्रिपाठी एडवोकेट सूर्य प्रकाश,संजय पाठक,रेवती रमण ,जगदीश त्रिपाठी आदि मौजूद रहें।

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Author: Up Head Line

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