कौशाम्बी
जिला के एक अधिवक्ता नीरज मिश्र व उनके भाई मुकेश मिश्र को उनके गांव के ही दबंगों ने मामूली विवाद में सिर पर कुल्हाड़ी मारकर गम्भीर चोटे पहुंचाई है लेकिन सराय अकिल थाना प्रभारी द्वारा पक्षपात किया जा रहा था हमला वरो की तहरीर पर पुलिस ने घायल अधिवक्ता पर मुकदमा दर्ज कर लिया है जिससे अधिवक्ता आक्रोशित हो गए हैं जिसके समर्थन में अधिवक्ताओं ने सोमवार को मंझनपुर तहसील में जमकर नारेबाजी करके एसडीएम मंझनपुर को ज्ञापन सौंपा है।
जानकारी के मुताबिक सरायकिल थाने के पड़रिया शुकवारा गांव के अधिवक्ता नीरज मिश्र पेशे से एक अधिवक्ता हैं जो जिला कचहरी में प्रैक्टिस कर रहे थे उनके गांव के ही दबंगों ने रविवार को मामूली विवाद में अधिवक्ता नीरज मिश्र और उनके भाई मुकेश मिश्र एवं उनके परिवार वालों के ऊपर कुल्हाड़ी से वार कर दिया जिसमें अधिवक्ता के भाई को सिर पर गम्भीर चोटें आई हैं परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें एसआरएन प्रयागराज रेफर कर दिया जहां पर उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
दिलचस्प बात यह है कि जब अधिवक्ता और उसके परिवार वाले शिकायत पत्र लेकर सराय आकिल थाना प्रभारी के पास पहुंचे तो उनके द्वारा उनकी प्राथमिकी न दर्ज करके उन्हें थाने से भगा दिया एवं थाना प्रभारी ने उनके विपक्षियों से सांठ गांठ करके अधिवक्ता एवं उनके भाई व परिवार वालों के ऊपर झूठी तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर दिया।इसकी जानकारी जैसे ही अधिवक्ताओं को हुई तो सभी अधिवक्ता महामंत्री अविनाश तिवारी की अगुवाई में मिलकर तहसील मंझनपुर में धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी करके अपना आक्रोश व्यक्त किया और एसडीएम मंझनपुर आकाश सिंह को ज्ञापन देकर तत्काल कड़ी से कड़ी विधिक कार्यवाही करने की मांग की है। सोमवार को सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत भी रहे। मामले को लेकर के सराय अकिल पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील श्रीवास्तव , अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार मिश्र , अधिवक्ता संजय कुमार मिश्र , अधिवक्ता दीपक कुमार मिश्र , अधिवक्ता हरिमोहन मिश्र , अधिवक्ता रामबाबू मिश्र , अधिवक्ता रविशंकर दुबे , अधिवक्ता शेषनारायण दुबे , अधिवक्ता दुर्गा प्रसाद सिंह , अधिवक्ता संजय चतुर्वेदी , अधिवक्ता ईश प्रकाश , अधिवक्ता भानु प्रकाश मिश्र , अधिवक्ता राजेश शुक्ला , अधिवक्ता धर्मेन्द्र शुक्ला , अधिवक्ता मानसिंह यादव , अधिवक्ता बलराम त्रिपाठी , अधिवक्ता सियाराम सिंह , अधिवक्ता परवेज़ आलम , अधिवक्ता अभिषेक खरे , अधिवक्ता दीपक खरे , अधिवक्ता आलोप पाण्डेय सहित सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद रहें।






