पराली जलाये जाने पर सम्बन्धित किसान के विरूद्ध जुर्माना लगाकर मुकदमा दर्ज कराया जायेगा

कौशाम्बी

उप कृषि निदेशक सतेन्द्र कुमार तिवारी ने जनपद के कृषक भाइयों को सूचित किया है कि धान की कटाई का समय नजदीक आ गया है। किसान भाई पराली न जलाये। शासन-प्रशासन द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गये हैं कि कहीं भी पराली जलाये जाने की घटना न होने पाये। पराली प्रबन्धन के लिए, जनपद स्तर, तहसील स्तर तथा न्याय पंचायत स्तर पर टीमों का गठन कर दिया गया है। खेत-खलिहान में यदि पराली जलाये जाने की घटना आती है तो सम्बन्धित किसान पर जुर्माना लगाकर मुकदमा दर्ज कराया जायंेगा।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि विगत वर्ष विकास खण्ड-सरसवां एवं कौशांबी में 52 से ज्यादा पराली जलाने की घटनायें आयी थी।, यहां की गठित टीमों को विशेष हिदायत है कि अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर किसानों को जागरूक किया जाय तथा डिकम्पोजर के जरिये पराली को खाद में परिवर्तित किया जाय। वेस्ड डिकम्पोजर बीज गोदामों से निशुल्क दिये जायेेंगे। प्रत्येक दिन सेटेलाइट द्वारा पराली जलाने की घटनाओं की रिपोर्ट प्राप्त होती है, जिसके आधार पर पराली जलाने वाले कृषक का सत्यापन कर विधिक कार्यवाही की जाती है। उन्होंने बताया कि पराली जलाये जाने पर भूमि के आधार पर यथा- 02 एकड़ से कम भूमि पर रूपयें 2500 एवं 02 एकड़ से अधिक व 05 एकड से कम भूमि पर रूपयें 5000 तथा 05 एकड़ से अधिक भूमि पर रूपये 15000 प्रति घटना पर जुर्माना लगायें जाने का प्राविधान है।

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Author: Up Head Line

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