पूर्णिया का यह शख्स डेयरी से हुआ मालामाल! 10 लोगों को रोजगार के साथ बनाया मिल्क हब, जानें इनको


विक्रम कुमार झा/पूर्णिया. डेयरी फॉर्म अभी भारत सहित बिहार में अच्छा व्यवसाय है. कई युवा अच्छी खासी नौकरी छोड़ इसको अपना व्यवसाय बना रहे हैं. पूर्णिया में भी एक ऐसा ही शख्स है जिसने डेयरी फॉर्म से अपनी अलग पहचान बनाई है. नाम है नवीन यादव. वह कसबा के मोहनिया गांव के निवासी हैं. पिछले 10 वर्षों से गौ पालन कर रहे हैं. कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. इधर ही डीएम कुंदन कुमार ने मिल्क नेटवर्क प्रोजेक्ट इनीशिएटिव से नीवन यादव को जोड़ा है.आइए जानते हैं इनके सफर को.

6 किस्म की है गाय, रोजना 450 लीटर दूध होता है उत्पादन
नवीन यादव ने बताया की मेरे पास अभी 6 नस्लों की गाय है. इससे रोजाना 450 लीटर दूध का उत्पादन होता है. स्थानीय 10 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. उन्होंने कहा सबसे ज्यादा दूध फ्रीजियन गाय दूध देती है. यह रोजाना 25 से 26 लीटर देती है.उन्होंने कहा दूध की उनके घरों पर से बिक जाता हैं. अन्य दूध बाजार भेजे जाते हैं. वह कहते हैं कि गिर गाय कीदूध 100 रुपया प्रति लीटर बाजार में बिकता है. उन्हें कुछ कुछ लोग ही खरीदते हैं.

आगे खुद का प्रोडक्ट निकालने का है प्रयास
गौ पालक नवीन यादव बताते हैं कि उनके पास अलग-अलग नस्लें की6 गायों मेंगीर,फ्रिजियन, नागौर, साहीवाल, जर्सी, सिंधी, मालवीके साथ ही अन्य देसी नस्ल कीलगभग 65से अधिक गाय हैं. जो लगभग 450 लीटर रोज दूध उत्पादन देतीहै.उन्होंने कहा कि हालांकि उनकी मनसा है कि आगे वह रोजाना 22 से 25 क्विंटलदूध का उत्पादन कर सकें.इसे पैकिंग कर बाजारों में उचित दाम पर बेचा जा सके. जिससे युवाओं को रोजगार और काम के साथ शुद्ध दूध मिले. इसके लिए वह तैयारी में लगे हुए हैं.

जाति से आया गौ पालन का ख्याल
नवीन यादव कहते हैं कि गौ पालन का आइडिया जाति से आया. मैं यादव जाति से हूं. इसलिए गौ पालन का आइडिया आया.तब से वह वह पालन कर रहे हैं. अब तक 10 लोगों को रोजगार दे चुके हैं. अन्य लोगों को भी रोजगार देने का काम कर रहे हैं.अब तक मेरेप्रयास से 50 से 60 गाय अलग-अलग युवाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पाली जाती हैं. इससे स्वरोजगार से युवा जुड़रहे हैं.

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Author: Jagran Times

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