ज्योति लिख रही आत्मनिर्भरता की नई इबारत ,अपने हुनर से संवार रही जरूरतमंद लड़कियों की जिंदगी, 1100 युवतियों को दे चुकी है प्रशिक्षण


सुनील जिंदल/गोहाना. बुलंद हौसला और कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है.हर सपना साकार किया जा सकता है.ये साबित कर दिखाया है गोहाना की ज्योति गर्ग ने. ज्योति ने 10 साल पहले युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने का ख्वाब देखा.ना सिर्फ ये ख्वाब पूरा किया बल्कि अब तक सैंकड़ों युवतियों का भविष्य संवार चुकी हैं.

गोहाना के लक्ष्मी नगर की रहने वाली ज्योति के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि ज्योति बिना किसी सहारे के सैंकड़ों युवतियों को आत्मनिर्भर बना रही हैं. ज्योति ने करीब 10 साल पहले युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की ठानी. उस दौरान अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए ज्योति के पास कोई साधन नहीं था. अगर कुछ था तो कपड़े सीलने का हुनर. घर खर्च और अपनी मां की सहायता से ज्योति ने अपने घर में ही युवतियों और महिलाओं को नि:शुल्क फैशन डिज़ाइनिंग का कोर्स करवाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे ज्योति से क्लास लेने के लिए बड़ी संख्या में युवतियां पहुंचने लगी. ज्योति की मेहनत और लगन देखकर ससुरालवालों ने भी उन्हें सपोर्ट करना शुरू कर दिया. आज ज्योति ने वो मुकाम हासिल कर लिया है जिसकी बदौलत वे हरि फैशन ट्रस्ट नाम की संस्था चला रही हैं. इस संस्था के ज़रिए ज्योति नि:शुल्क फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करवाती हैं

1100 युवतियों को दे चुकी है प्रशिक्षण
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की इस राह में शुरुआत में ज्योति को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा. जहां इस काम के लिए शुरुआत में ज्योति को ससुराल वालों का सपोर्ट नहीं मिला तो आसपास के लोगों ने भी काफी आलोचना की. ज्योति ने फिर भी हार नहीं मानी. आज ज्योति के पास रोजाना करीब 150 युवतियां फैशन डिजाइनिंग की क्लास के लिए आती हैं. ज्योति बताती हैं कि वे अब तक 1100 युवतियों को प्रशिक्षण दे चुकी हैं. फैशन डिजाइनिंग के अलावा ज्योति कढ़ाई ,सिलाई भी सिखाती हैं. ज्योति के सराहनीय कार्य के चलते प्रशासन कई बार उन्हें सम्मानित भी कर चुका है.

हर महीने खर्च करती है 5 लाख
ज्योति से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर चुकी युवतियां आज आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. कुछ नौकरी कर रही हैं तो कुछ ने अपना बिजनेस शुरू कर दिया हैं. वहीं ज्योति 10 साल बाद भी अपना फर्ज निभा रही हैं. मुफ्त में कोर्स करवाने के साथ-साथ गरीब युवतियों की सहायता भी कर रही हैं. ज्योति बताती हैं कि वे हर महीने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स सीखने के लिए आने वाली गरीब महिलाओं पर करीब 5 लाख रुपये खर्च करती हैं.

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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 21:31 IST

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Jagran Times
Author: Jagran Times

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