
मोहन ढाकले/बुरहानपुर: बुरहानपुर की ताप्ती मिल में काम करना कभी सम्मान का परिचायक था. यहां रोजगार से लगे युवाओं के लिए दूर-दूर से अच्छे रिश्ते आते थे, लेकिन आज स्थिति विपरीत है. लड़की वालों को पता लग जाए कि युवक का इस मिल से कोई नाता है तो वह रिश्ता लेकर ही नहीं आते. इतना ही नहीं, यदि पहले से सगाई हो चुकी है तो अब शादी के लिए भी मना कर रहे हैं. यही कारण है कि यहां के दर्जनों युवा कुंवारे घूम रहे हैं.
बुरहानपुर के उपनगर लालबाग की ताप्ती मिल में मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है. पिछले 7 माह तक का मेहनताना भी उन्हें नहीं मिला है, जिसको लेकर अब मजदूर युवाओं का भविष्य संकट में है. मजदूरों का कहना है कि ताप्ती मिल में हम परमानेंट मजदूरी करते थे, तब हमारे रिश्ते पक्के हुए थे. लेकिन, अब मिल बंद होने से हमारे रिश्ते भी टूट रहे हैं. लोग अपनी बेटियों को देने से इंकार कर रहे हैं, जिस कारण हमारे सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
तीन साल से बंद है मिल
ताप्ती मिल में काम करने वाले 52 मजदूरों को आज तक वेतन नहीं मिल पाया है, जिसको लेकर वह कलेक्टर से भी गुहार लगा चुके हैं. लेकिन, कोई निराकरण नहीं हो रहा है. समाजसेवी हाफिज मंसूरी ने एमपी के सीएम शिवराज से गुहार लगाई है. ताप्ती मिल 3 साल से बंद पड़ी है, जिस कारण मिल के मजदूरों को अपने घर का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है. कई मजदूर तो आत्मघाती कदम भी उठा चुके हैं
20 युवाओं की रुक गई शादी
ताप्ती मिल बंद होने से करीब 20 युवाओं की शादी रुक गई है. लालबाग निवासी मजदूर शेख फैजल का कहना है कि मिल में काम करते हुए मेरा रिश्ता हुआ था, लेकिन जब ससुराल पक्ष को मिल बंद होने की सूचना लगी, तो उन्होंने रोजगार नहीं होने को लेकर रिश्ता तोड़ दिया.
500 से अधिक मजदूर थे कार्यरत
ताप्ती मिल में 500 से अधिक मजदूर कार्यरत थे, लेकिन लॉकडाउन के वक्त मंदी का समय शुरू होने के बाद 2020 में करीब 400 कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया था, लेकिन 100 से अधिक कर्मचारी यहां काम नहीं होने के बावजूद सप्ताह में 2 से 3 दिन यहां आते थे. ऐसे 52 मजदूरों को 7 माह का वेतन नहीं मिल पाया है.
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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 20:59 IST






