मरकर भी हो गया अमर! ब्रेन डेड युवक के अंगदान से 4 लोगों को मिला नया जीवन, 3 शहरों में जिंदा रहेगा नाम

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हाइलाइट्स

ओडिशा में 43 वर्षीय युवक की सिर में गंभीर चोट लगने से ब्रेन डेड हो गया.
युवक की पत्नी ने अपने पति का अंगदान करने का फैसला किया.

भुवनेश्वर. ओडिशा में मानवता की मिशाल पेश करने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक 43 वर्षीय व्यक्ति की सिर में गंभीर चोट लगने से चिकित्सकों ने युवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इसके बाद युवक के परिजनों ने दरियादिली दिखाते हुए अंगदान करने का फैसला किया, जिसके चलते तीन अलग-अलग शहरों के चार लोगों को नया जीवन मिल गया. भुवनेश्वर के मूल निवासी प्रसेनजीत मोहंती को 22 जून को अपने घर पर गिरने के बाद बुरी तरह घायल होने के बाद शहर के एक निजी अस्पताल एसयूएम अल्टीमेट (SUMUM) में भर्ती कराया गया था. हालांकि मस्तिष्क की सर्जरी के बाद शुरू में उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ गई.

सुधार के बावजूद युवक की हालत बिगड़ी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक SUMUMU के न्यूरोसर्जन सलाहकार डॉ. सोमनाथ प्रसाद जेना ने कहा, “उनकी हालत में शुरुआती कुछ सुधार के बावजूद बाद में हालत बिगड़ गई. 23 जून को एप्निया टेस्ट (ब्रेन डेथ निर्धारित करने के लिए) किया गया और हमें पता चला कि मरीज का ब्रेन डेड हो चुका है. छह घंटे के बाद दूसरा परीक्षण किया गया जिसने पिछली रिपोर्ट की पुष्टि की.” अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ श्वेतापद्म दास ने कहा कि जब परिवार के सदस्यों को मरीज की चिकित्सा स्थिति के बारे में बताया गया, तो उन्होंने उसके अंग दान करने की पेशकश की. प्रोटोकॉल के अनुसार, अस्पताल के अधिकारियों ने राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन को सूचित किया.

मृतक की पत्नी ने पति का अंगदान करने का लिया फैसला
दास ने कहा, “कोलकाता और नई दिल्ली से मेडिकल टीमें शनिवार को एसयूएमयूएम पहुंचीं और एसयूएमयूएम के सर्जनों और बाहरी डॉक्टरों की 20 सदस्यीय टीम ने साढ़े चार घंटे की प्रक्रिया में आवश्यक अंगों को पुनः प्राप्त किया.” अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मरीज की दोनों किडनी, दोनों फेफड़े और लिवर दान कर दिया गया. प्रसेनजीत की पत्नी मृदुमंजरी महापात्रा ने कहा कि उनके पति चाहते थे कि उनके अंग दान कर दिए जाएं. उन्होंने कहा, “मेरे पति जब जीवित थे तो हमेशा समाज के लिए कुछ करना चाहते थे. मैंने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उनके अंग दान करने का निर्णय लिया. यह मेरे लिए आसान फैसला नहीं था. लेकिन, उनके परिवार के सदस्यों, मेरे परिवार के सदस्यों और अन्य रिश्तेदारों ने मेरे फैसले का समर्थन किया. ”

पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर
पुलिस ने अस्पताल से बीजू पटनायक हवाई अड्डे तक दो एम्बुलेंस में अंगों को ले जाने के लिए भुवनेश्वर में एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जहां से उन्हें चिकित्सा टीमों के साथ दोनों शहरों में ले जाया गया. SUMUM सूत्रों के अनुसार, दोनों किडनी में से एक को शनिवार रात SUMUM में एक मरीज में प्रत्यारोपित किया गया, जबकि दूसरी को दूसरे मरीज में प्रत्यारोपण के लिए कटक के एक अस्पताल में ले जाया गया.

Tags: Odisha

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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