मगध विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी से PG करने के लिए 30 जून तक होंगे आवेदन, जानें डिटेल्स 


कुंदन कुमार/गया: मगध विश्वविद्यालय परिसर बोधगया में 2008 से PG जैव प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत हुई थी. विभाग में मास्टर इन बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में 2 वर्षीय सत्र 2023-25 में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

इस पाठ्यक्रम में नामांकन के न्यूनतम योग्यता बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी, जूलॉजी, केमिस्ट्री, लाइफ साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, बायोमेडिकल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है. नामांकन प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी. इसमें छात्रों को प्रति सेमेस्टर 20 हजार रुपये फीस देना होगा.

बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी का कंबीनेशन
गौरतलब हो कि बायो टेक्नोलॉजी एक रिसर्च आधारित विज्ञान है, जो बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी का कंबीनेशन है. इसमें कई विषय जैसे कि जेनेटिक्स, बायो केमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, विरोलॉजी, केमिस्ट्री, इंजीनियरिंग, हेल्थ एंड मेडिसिन, एग्रीकल्चर एंड एनिमल हसबेंडरी, क्रॉपिंग सिस्टम और क्रॉप मैनेजमेंट, इकोलॉजी, सेल बायोलॉजी और बॉयोस्टैटिसटिक्स आदि सम्मिलित है.

बायोटेक्नोलॉजी की पॉपुलैरिटी और ग्रोथ बढ़ने से कई संभावनाएं
बायो टेक्नोलॉजी विभाग के डीन प्रोफेसर सिद्धनाथ प्रसाद यादव ने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी की पॉपुलैरिटी और ग्रोथ के बढ़ने की वजह से इस क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं. इस कोर्स के चौथे सेमेस्टर में ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत छात्रों को देश के प्रतिष्ठित संस्थान डीआरडीओ, सीएसआईआर, डीबीटी, आईसीएमआर रिसर्च लैब भेजा जाता है. विभाग में अपना अत्याधुनिक लैब भी है. यहां लैमिनार एयर फ्लो हुड, पीसी बेस्ड इनवर्टेड माइक्रोस्कोप, कंपाउंड माइक्रोस्कोप, ट्रीनाकूलर माइक्रोस्कोप, प्रोजेक्टर माइक्रोस्कोप, पीसीआर मशीन, पीसी बेस्ड जेल डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम, हाई स्पीड कूलिंग सेंट्रीफ्यूज सहित अनेक हाइली सोफिस्टिकेटेड इंपोर्टेड इक्विपमेंट है. यहां के पास आउट कई छात्र छात्रवृत्ति के साथ देश विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शोध कर रहे हैं.

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More