
जगबीर घणघस/भिवानी: इंसानियत का कोई चेहरा नहीं होता, उसके लिए बस एक साफ नियत की जरूरत होती है. किसी की मदद करने के लिए साधनों की नहीं, बल्कि एक सोच ही काफी है. एक ऐसी ही इंसानियत की जीती जागती मिसाल हैं राजेश डूडेजा, जो 28 साल में तकरीबन 115 बार रक्तदान कर चुके हैं.
राजेश डूडेजा व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर टीम के साथ काम करते हैं. बताते हैं कि 1995 में जब बाढ़ आई थी तब दूर से आई एक गर्भवती महिला को रक्त की ज़रूरत थी. तब उस समय रक्तदान की मुहिम चला रहे अध्यापक प्यारेलाल सांगवान से प्रभावित होकर महिला के लिए रक्तदान किया था. तब से राजेश ने प्यारेलाल सांगवान को गुरु मान लिया और लगातार रक्तदान कर रहे हैं.
अब तक कर चुके 115 बार रक्तदान
राजेश डूडेजा 1995 से अब तक 28 साल में 115 बार रक्तदान कर चुके हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. अब राजेश को पूरे जिले में रक्तवीर के नाम से जाना जाता है. 115 बार रक्तदान करने पर राजेश के पास प्रमाण पत्रों, प्रशस्ति पत्रों, स्मृति चिह्नों की भरमार है. रेडक्रॉस, नागरिक अस्पताल सहित अनेक संस्थान इन्हें सम्मानित कर चुके हैं. जब राजेश ने 100वीं बार रक्तदान किया तब रेडक्रास की तरफ से राज्यपाल ने उन्हें सम्मानित कर प्रमाण पत्र दिया था.
महादान की मुहिम को बढ़ा रहे आगे
कहते हैं कि अपने लिए तो हर कोई जिता है, पर भिवानी निवासी रक्तवीर राजेश डूडेजा व उनकी टीम किसी भी जरूरतमंद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. इसके लिए इन्होंने 58 वाट्सएप ग्रुप बनाए हुए हैं. इनकी टीम में 5 हज़ार के क़रीब सदस्य हैं, जिनमें से ढाई हज़ार के क़रीब एक्टिव सदस्य हैं, जो ग्रुप में मेसेज आते ही रक्तदान के लिए पहुंच जाते हैं. राजेश या उनके साथी कभी दिन या रात नहीं देखते. ऐसा करके ये लोग रक्तदान महादान की मुहिम को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं.
कोरोना काल में किया सराहनीय कार्य
रक्तवीर राजेश डूडेजा व उनकी टीम ने कोरोना काल में बहुत सराहनीय कार्य किया. जब लोग अपने की मदद करने से डर रहे थे, तब भी ये और इनकी टीम रक्तदान को तैयार रहती थी. न केवल भिवानी, बल्कि दूसरे जिलों में भी उनकी टीम रक्तदान के लिए गई थी.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 20:11 IST





