युवाओं को सही इतिहास से अवगत कराना जरूरी, संगोष्ठी में बोले डॉ बालमुकुंद पांडेय 



 शाश्वत सिंह/झांसी. इतिहास को सही मायने में युवाओं तक पहुंचाने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी तथा अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. "इतिहास सिखाता है, इतिहास दोहराता है" विषय पर आधारित इस संगोष्ठी में देश भर के इतिहास के जानकारों ने हिस्सा लिया और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. सभी विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि भारतीय युवाओं को सही और तथ्यात्मक इतिहास से अवगत कराना बहुत जरूरी है.

अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री और इतिहास के जानकार डॉ. बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि देश को आजाद हुए 75 वर्ष से अधिक हो चुके हैं. लेकिन हम आज भी अंग्रेजों और इस देश पर आक्रमण करने वाले आक्रांताओं द्वारा लिखे गए थे इतिहास को ही पढ़ रहे हैं. अब नए भारत में यह जरूरी हो गया है कि युवाओं को भारत के उस इतिहास से अवगत कराया जाए जिसमें भारतीय परंपरा और भारतीय संस्कृति सम्मिलित हो. इतिहास ऐसा हो जो युवाओं को गौरवान्वित महसूस करा सके.

विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग स्थापित करने की उठी मांग
संगोष्ठी में बुंदेलखंड क्षेत्र के इतिहास के कई शिक्षकों ने हिस्सा लिया और उन्होंने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए. शिक्षकों ने यह मांग भी रखी की विश्वविद्यालय में जल्द से जल्द इतिहास विभाग स्थापित किया जाए. कार्यक्रम के संयोजक कला संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर मुन्ना तिवारी ने बताया कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य युवाओं तक भारत के गौरवशाली इतिहास को पहुंचाना था. संगोष्ठी में आए शुद्ध पत्रों को प्रकाशित कर युवाओं के पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.

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Author: Jagran Times

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