
अखिलेश सोनकर/चित्रकूट: उत्तर प्रदेश की चित्रकूट पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को सशक्तिकरण बनाने के लिए चित्रकूट पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने *चुप्पी तोड़ो खुल कर बोलो* महिला जन चौपाल की नए अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला के निर्देश पर चित्रकूट जनपद में महिला जन चौपाल का आयोजन किया जा रहा है. इस आयोजन में गांव की महिलाओं को उनके अधिकारों और कानून के बारे में उन्हें जागरूक किया जा रहा है
कार्यक्रम के तहत मऊ थाना क्षेत्र के खंडेहा गांव में महिला जन चौपाल का आयोजन किया गया जिसमें एडीजी प्रयागराज भानु भास्कर और पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला सहित तमाम पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान महिला चौपाल लगाकर महिलाओं की समस्याएं सुनीं साथ ही साथ उन्हें महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के बारे में जागरूक किया है और कैसे उनके साथ हो रहे अपराधों के खिलाफ लड़ाई लड़ना है उसके बारे में पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने *चुप्पी खोलो खुल कर बोलो* का नारा देते हुए उन्हें पुलिस से शिकायत करने के लिए जागरूक किया है.
इस आयोजन के दौरान पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने जनपद के दो नन्हीं वीरांगनाओं को सम्मानित किया है जो पहली 9 वर्षीय वीरांगना ने अपनी बड़ी बहन की कटाई मशीन में सर फस जाने की वजह से अपने सूझबूझ से उसकी जान बचाई थी, वहीं दूसरी वीरांगना ने जब वह घर पर अकेली सो रही थी तो गांव का एक शोहदा गलत नियत से उसके घर पर घुस गया और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने लगा किसी तरह बालिका ने उस लड़के का विरोध कर घर से बाहर निकल आई और घर के बाहर के दरवाजे की कुंडी लगा दी और गांव वालों को एक इकट्ठा कर पुलिस को बुला कर आरोपी शोहदे को पकड़ा दिया. इसलिए इन दोनों वीरांगनाओं के साहस को देखते हुए उनको सम्मानित किया गया. वहीं जनपद में पुलिस महिला आरक्षियों द्वारा अच्छे कार्य करने वाले महिला आरक्षियों को प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया है.
वहीं कार्यक्रम को लेकर पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला का कहना है कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिशन शक्ति का पुनः अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत जनपद में महिला जन चौपालों का आयोजन किया जा रहा है. जहां जन चौपालों में महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला कानून के बारे में उन्हें जागरूक किया गया है जिससे महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कमी लाई जा सके.





