
हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. पिथौरागढ़ की व्यास और दारमा घाटी सैलानियों को खासी लुभा रही हैं. आलम ये हैं कि व्यास घाटी में आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शनों के लिए हजारों श्रृद्दालु अब तक जा चुके हैं.यही नहीं बर्फ से पटी पंचाचूली की गगनचुंबी चोटियों को निहारने भी देश-दुनिया के सैलानी पहुंच रहे हैं. नए पर्यटन स्थलों को लेकर सैलानियों का ये क्रेज रोजगार के दरवाजे भी खोल रहा है. इस सीजन के शुरुआती महीने में ही 14000 से ज्यादा लोग दारमा और व्यास वैली पहुंचे हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
चाइना बॉर्डर के पर बसी व्यास और चौंदास घाटियां अपनी सुंदरता के लिए जानी जाती है. एक दौर था जब इन घाटियों में सिर्फ साहसिक पर्यटक ही जाया करते थे लेकिन दोनों घाटियों तक गाड़ियों की आवाजाही होने के बाद नजारा एकदम बदल गया है. जिसके बाद पंचाचूली की चोटियों के साथ ही आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शनों के लिए हजारों सैलानी पहुंच रहे हैं. डेंजर रोड होने के बावजूद सैलानियों के जोश में रत्ती भर भी कमी नही है. बीते 3 हफ्तों से दोनों घाटियां सैलानियों से पूरी तरह गुलजार हैं, यहां पिथौरागढ़ केएमवीएन पहुंचे पर्यटकों से बातचीत में सभी ने आदि कैलाश यात्रा के प्रति अपनी उत्सुकता दिखाई है. जिनका कहना है कि वह हर बार जब भी मौका मिले हमेशा यहां आना चाहेंगे.
पर्यटन कारोबार हुआ गुलजार
वैसे तो आदि कैलाश यात्रा का आगाज 5 मई को हो गया था. लेकिन गर्बाधार में लगातार हो रहे लैंडस्लाइड के कारण आधे से भी अधिक समय यात्रा बंद ही रही. बावजूद इसके व्यास और दारमा घाटी में अब तक 14 हजार से अधिक सैलानी पहुंच गए हैं. भारी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से यहां पर्यटन कारोबार भी परवान चढ़ रहा है. यहां पर्यटन कारोबार से जुड़े कारोबारी पवन जोशी बतातें हैं कि इस बार सैलानियों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है हालात ये हैं कि पिथौरागढ़ के होटल से लेकर कूटी के होम स्टे तक सभी पर्यटकों से पैक हैं.
दारमा घाटी बन सकती है पर्यटकों की पहली पसंद
रोड बनने के बाद वैसे तो आदि कैलाश यात्रा का आगाज बीते साल ही हो गया था. लेकिन सैलानियों को जो हुजूम इस बार देखने को मिल रहा है. ऐसा शायद ही कभी देखने को मिला हो. ऐसे में ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले सालों में व्यास और दारमा घाटियां पर्यटकों की पहली पसंद बन सकती हैं. लेकिन ये भी कड़वी सच्चाई हैं कि हजारों सैलानियों के लिए यहां न तो बेहतर होटल हैं और ना ही जरूरी सुविधाएं.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 13:45 IST





