
उधव कृष्ण/पटना: अयोध्या की हनुमानगढ़ी के कुछ संतों द्वारा पटना के प्रसिद्ध महावीर मन्दिर के दावे को महावीर मन्दिर न्यास समिति के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने सिरे से ख़रिज करते हुए बिल्कुल बेबुनियाद ठहराया है. कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पर अपनी प्रतिक्रिया में आचार्य किशोर कुणाल ने कहा कि- महावीर मन्दिर का अयोध्या के हनुमानगढ़ी से कभी कोई वास्ता नहीं रहा है.
आचार्य किशोर कुणाल ने Local 18 को बताया कि- पटना में सीनियर एसपी रहते हैं, उन्होंने पहल कर पटना और बिहार के प्रबुद्ध लोगों और भक्तों की सहायता से वर्ष 1983 से 1985 के बीच पुराने महावीर मन्दिर का नवनिर्माण कर उसे भव्य स्वरूप प्रदान किया. बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने 1987 में पुरानी प्रबंधन समिति को कुव्यवस्था के कारण इसे भंग कर नई न्यास समिति बनायी. 1990 में एक विस्तृत योजना के तहत इसकी नियमावली भी बनाई गई.
सार्वजनिक मंदिर है पटना का हनुमान मंदिर
वर्ष 1948 में पटना उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में महावीर मन्दिर को सार्वजनिक मन्दिर घोषित करते हुए मन्दिर का 1900 से 1948 तक पूरा इतिहास लिखा है. इसमें हनुमान गढ़ी, रामानन्द सम्प्रदाय, स्वामी बालानन्द या अयोध्या की चर्चा तक नहीं है. उच्च न्यायालय ने इसे सार्वजनिक घोषित करते हुए यह भी लिखा कि यहां पुजारियों की परंपरा ही रही है और अलखिया बाबा से लेकर सुन्दर दास को पुजारी ही माना था. हनुमान गढ़ी ने अपने दावे के समर्थन में आज तक एक भी प्रमाण या दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किया है, जबकि महावीर मन्दिर ने सिविल कोर्ट से हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अनेक निर्णयों का उल्लेख करते हुए यह सिद्ध किया है कि महावीर मन्दिर के प्रबन्धन पर हनुमान गढ़ी का अधिकार कभी नहीं रहा.
इन लोगों से मिलकर बनी है न्यास समिति.
वर्तमान में पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीएन अग्रवाल हैं. वहीं न्यास समिति में राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एसएन झा,बिहार के पूर्व मुख्य सचिव विजय शंकर दुबे, पूर्व ले.जनरल एके चौधरी,पूर्व विधि सचिव वासुदेव राम शामिल हैं. वहीं आचार्य किशोर कुणाल इसके सचिव हैं. जबकि पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस राजेन्द्र प्रसाद इसके कोषाध्यक्ष हैं.
अयोध्या में संचालित हो रही राम रसोई
अयोध्या के अमावा मंदिर में पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा ‘राम रसोई’ का संचालन किया जाता है. इसमें प्रतिमाह औसतन 90 हजार भक्तों को निःशुल्क भोजन दिया जा रहा है. प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ‘राम रसोई’ में भक्तों को कूपन मिलता है. विभिन्न जिलों और प्रदेशों से आने वाले भक्त यहां भोजन पाकर आनंदित हो उठते हैं. बताया गया कि रामलला दर्शन मार्ग पर स्थित कार्यालय से भक्तों को भोजन के लिए कूपन दिया जाता है. इसी कूपन पर वे भोजन करते हैं. बता दें कि इस राम रसोई का संचालन अयोध्या के अमावा मंदिर में किया जा रहा है. किशोर कुणाल के अनुसार वर्ष 2019 में रामलला के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से यह कार्य अनवरत चल रहा है. यहां प्रतिदिन औसतन 3000 भक्तों के भोजन की व्यवस्था रहती है. वह बताते हैं कि अयोध्या के इतिहास में पहली बार महावीर मंदिर पटना से बाहर के सभी तीर्थयात्रियों के लिए अन्नक्षेत्र चला रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 10:57 IST





