Himachal Rain: शिमला में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड, मंडी में 2 लोगों की मौत, मॉनसून की पहली बारिश का कहर

मंडी/शिमला. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की पहली बारिश ने जमकर कहर बरपाया है. शनिवार को हिमाचल में मॉनसून की एंट्री हुई. करीब 5 घंटे तक झमाझम बारिश से जल-थल एक हो गए. शिमला में बारिश ने जहां 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा. वहीं, मंडी जिले में बारिश की वजह से सबसे अधिक परेशानी देखने को मिली. मंडी जिले में बारिश की वजह से 2 लोगों की मौत हुई है.

जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़-मनाली एनएच पर डयोड के पास सड़क किनारे काम कर रहे पीडब्ल्यूडी के बेलदार की पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण मौत हो गई है. मृतक की पहचान 52 वर्षीय डूमणू राम पुत्र तापे राम निवासी गांव हटौण डाकघर शिवाबदार के रूप में हुई है.उधर, सुंदरनगर के डेहर में बकरियां चरा रहा बुजुर्ग सतलुज नदी में बह गया, जिसकी अब तक कोई खबर नहीं मिली हैं.

शनिवार को चंडीगढ़ मनाली हाईवे पर 3 बेलदार डयोड से कुछ दूरी पर सड़क किनारे काम कर रहे थे. इतने में पहाड़ी से कुछ पत्थर सीधे डूमणू राम पर आ गिरे और वह बुरी तरह से घायल हो गया. घटना की सूचना मिलने के बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और डूमणू राम को जोनल हास्पिटल मंडी लाया गया, यहां अस्पताल पहुंचते ही डूमणू राम ने दम तोड़ दिया. मृतक डूमणू राम के सहकर्मी परस राम ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने पत्थरों को हटाया और डूमणू राम को बाहर निकाला. हटौण पंचायत के उप प्रधान नोक सिंह ने बताया कि हादसे के बाद एम्बुलेंस काफी देरी से आई, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए.

क्या कहता है प्रशासन

एएसपी मंडी सागर चंद्र ने मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा. पुलिस ने मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है. लोक निर्माण विभाग थलौट मंडल के अधिशाषी अभियंता ई. सुरेश कौशल ने बताया कि हादसे के वक्त डूमणू राम डयूटी पर तैनात था. उसके साथ दो अन्य बेलदार भी वहां पर काम कर रहे थे. पीड़ित परिवार को विभाग की तरफ से हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जाएगी.

शिमला में 15 साल बाद रिकॉर्ड बारिश

हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक 5 घंटे की बारिश से जनजीवन पर खासा असर पड़ा. शिमला शहर में 15 साल बाद जून महीने में 12 घंटे में एक दिन 99 एमएम पानी बरसा. इससे पहले, साल 2008 में शिमला में 12 घंटों में 123 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी. इसी तरह कांगड़ा में भी 143 एमएम बारिश हुई. कांगड़ा में जून महीने में एक रात में यह सबसे अधिक बारिश है. वर्ष 2021 में जून माह में कांगड़ा में 107 एमएम बारिश का रिकॉर्ड था.

मॉनसून की पहली बारिश से नुकसान

हिमाचल में मॉनसून की पहली बारिश से खासा नुकसान हुआ. शिमला में संजौली और कुछ अन्य इलाकों में मलबा गिरने से 5 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई. वहीं, सोलन में कालका-शिमला हैरिटेज ट्रेक पर मलबा गिरा और ट्रेन रद्द हो गई. इसी तरह मंडी में सरकाघाट-धर्मपुर हाईवे, चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे सहित कई सड़कें बंद रही. बाद में इन्हें बहाल कर दिया गया. सिरमौर के बड़ साहिब के पास पंजाब रोड़वेज की बस हादसे का शिकार होने से बाल बाल बच गई. भूस्खलन प्रभावित सड़क से यह बस गुजर रही थी कि अचानक सड़क किनारे हवा में लटक गई.

आज और कल भारी बारिश

शिमला में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि इस बार हिमाचल में मानसून सामान्य रहेगा. शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा जिला के अधिकांश क्षेत्रों में 27 जून तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है. सितंबर अंत तक मानसून सक्रिय रहेगा. दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

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Author: Jagran Times

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