Sawan 2023:बाबा विश्वनाथ के भक्तों पर महंगाई की मार,दर्शन और पूजन हुआ महंगा, कांग्रेस बोली आस्था का हो रहा व्यापार


अभिषेक जायसवाल/वाराणसी: भगवान भोले के प्रिय मास सावन की शुरुआत होने वाली है.4 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है.सावन के महीने के शुरुआत से पहले बाबा विश्वनाथ के भक्तो को बड़ा झटका लगा है.श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर प्रशासन ने सावन के महीने में बाबा के मंगला आरती के साथ सभी आरती और सुगम दर्शन का रेट बढ़ा दिया है.मंदिर प्रशासन के इस फैसले के बाद जहां सोशल मीडिया पर लोग तरह तरह कि बातें कट रहें है. तो दूसरे तरफ कांग्रेस ने भी इसको लेकर निशाना साधा है.कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने इसे आस्था का व्यापारीकरण बताया है.

मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सावन के महीने में मंगला आरती के लिए 1000 रुपये देने होंगे.जबकि सावन के सोमवार को ये कीमत बढ़कर 2000 रुपये हो जाएगा.बताते चलें कि आम दिनों में मंगला आरती का टिकट 500 रुपये में मिलता था.मंगला आरती के अलावा सप्तऋषि और भोग आरती के दाम भी बढ़े है.सावन में सप्तऋषि,भोग और मध्यान आरती के लिए 500 रुपये देने होंगे.

सुगम दर्शन के लिए चुकाना होगा अधिक मूल्य 
इसके अलावा बात सुगम दर्शन की करें तो उसके कीमत में भी इजाफा हुआ है.सावन में सुगम दर्शन के लिए भक्तों को 500 रुपये प्रति व्यक्ति देना होगा.जबकि सावन के सोमवार को ये बढ़कर 750 रुपये हो जाएगी.बताते चलें कि आम दिनों में सुगम दर्शन के लिए 300 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित हैं.

भीड़ पर नियंत्रण के लिए लागू हुई व्यवस्था
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सावन में मंदिर में होने वाली भक्तों की भीड़ को देखतें हुए ये फैसला लिया गया.हर बार ही ऐसे बढ़े कीमत भीड़ नियंत्रण के लिए लागू किया जाता है.

कांग्रेस ने साधा निशाना
मंदिर प्रशासन के इस फैसले के बाद अब कांग्रेस इसको लेकर हमलावर है.कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार अब आस्था का व्यापारीकरण कर रही है.जिसका जीता जागता उदाहरण काशी विश्वनाथ मंदिर में देखने को मिल रहा है.टिकट के दाम बढ़ाकर ये साबित हो गया है कि सरकार मंदिरों का बाजारीकरण कर रही हैं.

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Author: Jagran Times

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