
सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या. सनातन धर्म में चातुर्मास को महत्वपूर्ण माना जाता है. हिंदू पंचांग के मुताबिक इस साल चातुर्मास 29 जून को प्रारंभ हो रहा है और 23 नवंबर को समाप्त होगा. मान्यता है कि इन 4 महीनों में जगतपति भगवान विष्णु निद्रा में होते हैं. इतना ही नहीं वैसे तो चतुर्मास 4 माह का होता है, लेकिन इस बार अधिक मास पड़ने के कारण चातुर्मास पूरे 5 महीने का होगा.
धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु के साथ विभिन्न देवी देवता सोते हैं. हिंदू धर्म में ये 4 महीने बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इन 4 महीनों में सावन, भादो, कार्तिक और आश्विन मास होते हैं. आज इस रिपोर्ट में आपको बताएंगे आखिर इन 5 महीने किन देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए.
अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि इस साल चातुर्मास की शुरुआत 29 जून से हो रही है, जिसका समापन 23 नवंबर को होगा. इस साल अधिक मास भी लग रहा है. ऐसी स्थिति में 5 महीने के लिए भगवान श्री हरि विष्णु निद्रा में रहेंगे. ऐसे समय में कोई मांगलिक कार्य नहीं होंगे. लेकिन इन 5 महीनों में देवी देवताओं की पूजा आराधना की जाती रहेगी, जो इस प्रकार है.
सावन माह
सनातन धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए समर्पित है. जब भगवान विष्णु निद्रा में हो जाते हैं, तब सृष्टि का संचालन भगवान शंकर करते हैं. ऐसी स्थिति में सावन के महीने में विधि विधान पूर्वक भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए. ऐसा करने से जीवन में आ रही तमाम परेशानियां दूर होती हैं.
भाद्रपद माह
सावन माह के बाद भाद्रपद का महीना आता है और इसी महीने में भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी मनाई जाती है. ऐसी स्थिति में इस महीने में विधि-विधान पूर्वक भगवान विष्णु अवतार श्रीकृष्ण की उपासना करने से जीवन धन्य होता.
अश्विन माह
इस महीने पितरों की पूजा के साथ मां दुर्गा की उपासना करने का विशेष महत्व बताया गया है. इस महीने में नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. इस महीने तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान इत्यादि कर्म भी किए जाते हैं. पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए लोग नाना प्रकार के उपाय इस माह में करते हैं.
कार्तिक माह
इस महीने भगवान विष्णु अपने 4 महीने की चिर निद्रा से जागते हैं. तब स्नान दान का भी विशेष महत्व बताया गया है. इसी महीने में दीपावली, तुलसी विवाह पर्व भी मनाए जाते हैं. इस महीने माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है.
अधिक मास
ज्योतिषी के अनुसार, अधिक मास वैसे तो भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने के लिए समर्पित है. लेकिन इस दौरान आप तुलसी की उपासना करके विशेष फल की प्राप्ति कर सकते हैं.
(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. NEWS18 LOCAL किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)
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FIRST PUBLISHED : June 24, 2023, 20:11 IST






