
सर्वेश श्रीवास्तव/ अयोध्या. भगवान राम की नगरी सज रही है, अयोध्या की भव्यता लौट रही है. त्रेता कालीन अयोध्या को बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साकार हो रहा है. एक तरफ भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार है तो दूसरी तरफ हजारों करोड़ों रुपए की योजनाओं से भगवान राम की नगरी सज और संवर रही है. सालों के संघर्ष के बाद आखिरकार वह दिन आ गया जब मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान होने वाले हैं. वैसे तो संपूर्ण मंदिर का निर्माण 2025 में पूरा होगा लेकिन भगवान राम अपने नए घर में जनवरी 2024 में विराजमान होंगे.
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का दिन भी अब नजदीक आ रहा है और वह घड़ी भी आ रही है जिस घड़ी का राम भक्त बड़े बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. 22 जनवरी का वह दिन जब पूरे देश की निगाहें एक बार फिर धर्म नगरी अयोध्या पर टिकी होंगी और उस दौरान भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे. भगवान राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने को लेकर धर्म नगरी अयोध्या में अभी से उत्साह का माहौल है. राम भक्तों से लेकर अयोध्या के साधु संत में उत्साह साफ झलकती दिखाई दे रही है. हालांकि राम भक्त अपने आराध्य का भव्य मंदिर निर्माण देखकर और अस्थाई मंदिर में दर्शन पूजन कर कर भक्ति भाव में प्रफुल्लित नजर आते हैं.
भक्तों में खुशी की लहर
अयोध्या संत समिति के महामंत्री पवन दास शास्त्री बताते हैं कि जब सपना सच होता है तो कितनी ज्यादा खुशी होती है यह शब्दों में बया नहीं कर सकते हैं. रामलला अपने भव्य मंदिर में जब विराजमान होंगे तो उस दिन लोगों की खुशी वह अवर्णनीय होगी. 2024 का वह दिन जिसके लिए सब लोग प्रतीक्षा कर रहे हैं और वह दिन दूर नहीं जब भगवान राम लला अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे तो उस दिन अयोध्या में भव्य खुशी मनाई जाएगी. जिस समय त्रेतायुग में जब भगवान राम अयोध्या लौटे थे वैसा ही कुछ नजारा अयोध्या की गलियों में देखने को मिलेगा हम साधु संत उत्साहित हैं.
सनातन समाज के लिए गौरव का विषय
तो वही दूसरी तरफ रामा दल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम बताते हैं कि किसी ने कल्पना नहीं की थी कि इतना भव्य और इतना दिव्य मंदिर बनकर तैयार होगा. हमारे पूर्वजों ने मंदिर को बचाने के लिए उसके अस्तित्व को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहूति दी. आज युवा पीढ़ी भाग्यशाली है जो मंदिर का निर्माण कार्य देख रही है. यह संपूर्ण सनातन समाज के लिए गौरव का विषय है. जिस दिन भगवान राम अपने मंदिर में विराजमान होंगे उस दिन धर्म ध्वज फहराया जाएगा और उस दिन सनातन धर्म का वर्चस्व अपने चरम पर होगा.






