
शाश्वत सिंह/झांसी.झांसी नगर निगम के सदन की पहली बैठक हंगामों से भरी रही. एक तरफ जहां पार्षदों ने अधिकारियों पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया तो वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट सिटी के नाम पर बेतरतीब पैसा खर्च करने का मुद्दा भी उठाया गया. इन सब के बीच शहर क्षेत्र के कई इलाकों में घर में पहुंच रहे गंदे पानी का मुद्दा भी एक पार्षद द्वारा उठाया गया. पार्षद एक बोतल में गंदा पानी भर कर सदन में ले आए थे और उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आप इसे पीकर दिखाइए.
प्रेमगंज प्रथम क्षेत्र से पार्षद उमेश जोशी सदन में एक बोतल में गंदा पानी भरकर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग यही पानी पीने के लिए मजबूर हैं. नलों से यही पानी पहुंच रहा है. जल संस्थान और नगर निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद इसका समाधान नहीं निकला है. अगर अधिकारी इस पानी को पी सकते हैं तो वह पीकर दिखाएं. उन्होंने कहा कि अधिकारी बोतलबंद मिनरल वाटर पीने और जनता गंदा पानी पीती रहे यह अब नहीं चलेगा.
महापौर ने दिया अधिशासी अभियंता को निर्देश
अपनी बात रखते हुए पार्षद मंच के करीब पहुंच गए थे. हंगामा बढ़ता देख महापौर बिहारीलाल आर्य ने बीच-बचाव किया. उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि वह क्षेत्र में जाएं और लोगों की समस्याओं को सुनें. गंदे पानी की समस्या को जल्द से जल्द ठीक करें. अगर किसी भी क्षेत्रवासी का स्वास्थ्य पानी की वजह से बिगड़ता है तो जल संस्थान के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी.
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FIRST PUBLISHED : June 23, 2023, 23:50 IST






