Adipurush के बाद प्रभास से छिन गया ये टैग, बिना एक्टिंग के ये शख्स बना पैन इंडिया सुपरस्टार, शाहरुख, यश भी..

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कुछ लोग तर्क दे सकते हैं कि शाहरुख इस टैग के हकदार हैं. आख़िरकार ‘पठान’ एक बड़ी सफलता थी. लेकिन तब, पठान की सफलता काफी हद तक हिंदी में थी. यशराज फिल्म्स ने पैन इंडिया ट्रेंड को भुनाने की कोशिश की और इसे तमिल और तेलुगु में भी रिलीज किया. ‘पठान’ ने हिंदी में 524 करोड़ रुपए और अन्य दो भाषाओं में कुल मिलाकर 18 करोड़ रुपए कमाए. यह उतना पैन इंडिया अट्रैक्शन नहीं है जिसकी कोई उम्मीद कर सकता है.

अब आपको लगता होगा कि केजीएफ 2 की हिंदी में भारी सफलता को देखते हुए शायद इस समय इस टाइटल के एकमात्र अन्य दावेदार यश (Yash) हैं. लेकिन एक फिल्म किसी को पैन इंडिया सुपरस्टार नहीं बनाती. एक पैन इंडिया स्टार को कई कारणों से बताया जा सकता है. लेकिन यदि कोई उस सफलता को दोहराता है तो उन्हें वास्तव में अखिल भारतीय सुपरस्टार कहा जा सकता है. रजनीकांत (Rajinikanth) ने अतीत में Enthiran और 2.0 जैसी फिल्मों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपने अभिनय का जादू बिखेरा है लेकिन उनकी हालिया फिल्में हिंदी बेल्ट में धूम मचाने में असफल रही हैं. यही बात कमल हासन (Kamal Haasan) और चिरंजीवी (Chiranjeevi) के लिए भी कही जा सकती है. सच कहें तो, केवल एक ही आदमी है जो ऐसा करने में कामयाब रहा है और वो एक अभिनेता भी नहीं है. जी हां, सही पढ़ा आपने.. दरअसल, वो एसएस राजामौली (SS Rajamouli) हैं जो इस समय हमारे पास एकमात्र पैन इंडिया सुपरस्टार हैं. उन्होंने बाहुबली के साथ अपनी ताकत दिखाई, बाहुबली 2 (Baahubali 2) के साथ इस पर ज़ोर दिया और फिर आरआरआर (RRR) के साथ उस शब्द पर एक बड़ी मुहर लगा दी है. राजामौली निर्देशित पहली बाहुबली ने हिंदी और तेलुगु दोनों में 100 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की. दूसरे ने हिंदी में 500 करोड़ रुपए, तेलुगु में 338 करोड़ रुपए, तमिल में 125 करोड़ रुपए और मलयालम में 55 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की. आरआरआर ने भी अखिल भारतीय स्तर पर समान सफलता हासिल की और इसमें कन्नड़ को भी शामिल किया. राजामौली की फिल्में पूरे भारत में, सभी क्षेत्रों में, सभी भाषाओं में सफल होने में कामयाब रही हैं, ऐसा कोई अन्य फिल्म निर्माता या स्टार लगातार नहीं कर पा रहा है. राजामौली की फिल्म के अगले स्टार महेश बाबू हैं, जो पहले से ही देश भर में जाने जाते हैं. एक और अखिल भारतीय सफलता का नुस्खा मौजूद है लेकिन क्या वे फिल्में राजामौलि की पिछली फिल्मों जैसा चमत्कार करेगी, यह तो समय ही बताएगा. इस बीच, शाहरुख जवान में नयनतारा और विजय सेतुपति की मौजूदगी से मदद लेकर अपननी अखिल भारतीय साख स्थापित करने की कोशिश करेंगे. वहीं प्रभास प्रोजेक्ट के और सालार के साथ भी यही प्रयास करेंगे. राम चरण और जूनियर एनटीआर जैसे खिलाड़ी भी अपने अगले खिताब के साथ आरआरआर की सफलता को भुनाने का प्रयास करेंगे. अखिल भारतीय बहस के लिए वास्तव में दिलचस्प समय आने वाला है.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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