
कुछ लोग तर्क दे सकते हैं कि शाहरुख इस टैग के हकदार हैं. आख़िरकार ‘पठान’ एक बड़ी सफलता थी. लेकिन तब, पठान की सफलता काफी हद तक हिंदी में थी. यशराज फिल्म्स ने पैन इंडिया ट्रेंड को भुनाने की कोशिश की और इसे तमिल और तेलुगु में भी रिलीज किया. ‘पठान’ ने हिंदी में 524 करोड़ रुपए और अन्य दो भाषाओं में कुल मिलाकर 18 करोड़ रुपए कमाए. यह उतना पैन इंडिया अट्रैक्शन नहीं है जिसकी कोई उम्मीद कर सकता है.
Author: Jagran Times
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