
Suno Dil Se: सप्ताह भर की क्रिकेट गतिविधियों पर आधारित इस पॉडकास्ट के साथ मैं हाजिर हूँ, संजय बैनर्जी का नमस्कार- सुनो दिल से. भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्ते अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खासतौर पर एशियन क्रिकेट पर ग्रहण बनते जा रहे है. यह कोई नया मसला नहीं है, हमेशा से किसी न किसी शक्ल मे विवाद जारी रहा है. फ़र्क सिर्फ इतना है की पाकिस्तान अब बेहद खराब दौर से गुजर रहा है, और ऐसे मे बाएं हाथ को समझ नहीं आ रहा है कि दायाँ हाथ क्या कर रहा है.
एशिया कप का फॉर्मेट अब भी संशय के घेरे मे है और इस साल होने वाले वनडे विश्व कप में पाकिस्तान की मौजूदगी पर सवालिया निशान है. विश्वकप का शेड्यूल अब भी तय नहीं हुआ है. बीसीसीआई ने जिस संभावित कार्यक्रम की घोषणा की थी, उसके दो मैचों के वेन्यू को लेकर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई थी, जिसे आईसीसी ने अब नकार दिया है. पीसीबी ने अफगानिस्तान के खिलाफ चेन्नई में और आस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरू में होने वाले मैच को लेकर कहा था कि इसे कहीं और कराये.
चर्चा है कि इन दोनों मैदानों पर विपक्ष के मजबूत स्पिन अटैक को लेकर पीसीबी थोड़ा चिंतित है. पीसीबी की वजह से 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप के एक मैच को धर्मशाला से बदलकर कोलकाता कर दिया गया था. इस बार आईसीसी कह चुका है, कि तब्दीली सिर्फ सुरक्षा कारणों से ही कई जाएगी.
इतना ही नहीं, एशिया कप के हाइब्रिड मॉडल को लेकर अब पाकिस्तान बोर्ड में खिलाफत के सुर तेज हैं. जका अशरफ पीसीबी के नये चेयरमैन बन सकते हैं. नजम सेठी ने इस पद की दावेदारी से खुद को हटा लिया है. हाइब्रिड मॉडल पर सहमति नज़म सेठी ने दी थी और संभावित नये चेयरमैन जका अशरफ ने पद पर नियुक्त होने से पहले ही कह दिया कि वह हाइब्रिड मॉडल से कतई खुश नहीं हैं.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है की वह कोई रोड़ा अटकाने वाले नहीं हैं. हाइब्रिड मॉडल भारत के पाकिस्तान जाने से इनकार करने के बाद सामने आया था, जिसके तहत चार मैच पाकिस्तान में और बाकी श्रीलंका में खेले जाएंगे. इसमें मेजबान पाकिस्तान को भारत से खेलने के लिए श्रीलंका जाना पड़ेगा. पाकिस्तान बोर्ड पहले ही कह चुका है कि पाक टीम का भारत में विश्व कप के लिए दौरा सरकार की रजामंदी पर निर्भर करेगा.
वैसे हकीकत यह भी है कि पाकिस्तान चाहे या न चाहे उसे करना वही पड़ेगा जो आईसीसी कहेगा और कहने की जरूरत नही की आईसीसी मे भारत का दबदबा है. बोर्ड वैसे भी पाकिस्तान में खेलने से विदेशी टीमों के परहेज की वजह से बेहद आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है.
उधर डब्ल्यूटीसी का फाइनल हारने के बाद से टीम इंडिया को लेकर तथाकथित आत्ममंथन और ज्ञानवमन का दौर जारी है. अगले ही महीने टीम इंडिया को वेस्टइंडीज दौरे पर जाना है और तीनों ही फोरमेट में खेलना है. सेलेक्टर्स के सामने तीनों फोर्मेट को लेकर टीम चयन में दुविधा है, किन प्लेयर्स को रखें, किन को लेकर आयें , माथापच्ची जारी है. टीम के कई सीनियर प्लेयर्स उम्र के मामले मे अब प्लस मे हैं ऐसे मे भविष्य की टीम इंडिया क्या शक्ल लेगी, बहस इस पर भी है. कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज अनंत काल तक नही खेल सकते. गेंदबाजी मे यही हाल मोहम्मद शमी, रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन का भी है. 2025 में लॉर्ड्स में अगर भारत टेस्ट चॅम्पियनशीप के फाइनल में पहुंचा तब रोहित और अश्विन की उम्र 35 साल की होगी. पुजारा, रहाणे, विराट, जडेजा और शमी भी 34 साल के हो जाएंगे ऐसे में इनके विकल्प पर समय रहते विचार क्या जाना चाहिए.
जिस तरह वेस्टइंडीज दौरे पर टीम चयन को लेकर अब तक किसी तरह के संकेत नहीं मिले हैं उससे एक बात साफ है कि ढाक के तीन पात की तर्ज पर हल्के फुल्के बदलावों के अलावा कुछ खास संभव नहीं है. यह भी संभव है कि कुछ वरिष्ठ विश्राम के नाम पर न शामिल हों और ऊनकी जगह युवाओं को मौका मिल जाए. सलेक्शन कमेटी का आलम यह है कि अब तक भी औपचारिक तौर पर चयन समिति का कोई प्रमुख नहीं है.
रोहित शर्मा की कप्तानी भी बड़ा सवाल है. फाइनल में हार के बाद रोहित पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है. उनके कुछ फैसले सवालों के घेरे मे हैं. वैसे यह तय है कि टी-20 में हार्दिक पंडया टीम की बागडोर संभालेंगे लेकिन क्या बाकी दोनों फॉर्मेट रोहित के पास रहने चाहिए, बहस इसी मसले पर है.
ऋषभ पंत भविष्य के कप्तान के तौर पर टेयर किए जा रहे थे, लेकिन अब दोबारा मैदान मे वापसी के पीते उन्हे सब कुछ झोंकना होगा. जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंडया, शुभमन गिल पर निगाहें जा सकती हैं. फिट हुए तो श्रेयस अय्यर पर भी सोचा जा सकता है. इनमें बुमराह तो दो साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट में कप्तानी कर चुके हैं, लेकिन उनकी इंजरी पूरी तरह ठीक होने का नाम नही ले रही.
फाइनल के बाद एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में जिस तरह से आस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने फ्रन्ट से लीड किया वह काबिलेतारीफ है. इसी तरह इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने बर्मिंघम टेस्ट में जो नजरिया दिखाया, वह भी शानदार था. ऐसे मे रोहित की कप्तानी पर दबाव और भी लाजिमी है.
उधर वेस्टइंडीज की टीम इसलिए परेशान है, क्योंकि उसे भारत के खिलाफ डोमिनिका में 12 जुलाई को पहले टेस्ट में उतरना है. इस समय वेस्टइंडीज की टीम जिम्बाब्वे में चल रहे वर्ल्ड कप क्वालीफायर में खेल रही है और इसका फाइनल भी नौ जुलाई को होगा. केवल तीन दिनों के अंतराल में लंबी यात्रा कर इस टीम को व्हाइट बॉल से रेड बॉल में खेलना आसान नहीं होगा. अगर वेस्टइंडीज टीम फाइनल में नहीं पहुंची तो एक दिन का अतिरिक्त्त समय मिल सकता है. फिर भी यह बिलकुल भी आसान नहीं है.
आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में एक बार फिर आर. अश्विन को गेंदबाजी में पहला स्थान मिला है. वह काफी समय से टॉप पर बने हुए हैं. बल्लेबाजी में कोई भी भारतीय पहले दस मे नहीं हैं.
इस बीच चेतेश्वर पुजारा वेस्टइंडीज दौरे के बाद फिर ससेक्स काउंटी के लिए खेलेंगे. वह डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले भी काउंटी चैंपियनशिप में खेल रहे थे. अर्शदीप सिंह ने भी केंट के लिए अपना डेब्यू किया है. अपने पहले मैच में इस लेफ्टी बॉलर ने सरे के खिलाफ चार विकेट लिये थे. अब अजिंक्य रहाणे भी लीसेस्टरशायर के लिए काउंटी मैच वेस्टइंडीज दौरे के बाद खेलेंगे. रहाणे इससे पहले भी 2019 में वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में नहीं चुने जाने के बाद हैंपशायर की ओर से काउंटी खेल चुके हैं.
भारत का घरेूल क्रिकेट सत्र इसी सप्ताह शुरू हो रहा है. पहला टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी के रूप में है जिसका आयोजन बेंगलोर में 28 जून से 12 जुलाई तक होगा. इसमें छह टीमें भाग लेंगी. शुरुआती दौर के क्वार्टर फाइनल में पूर्वी क्षेत्र का मध्य से और उत्तर क्षेत्र का नॉर्थईस्ट जोन से मुकाबला होगा. सत्र के मुख्य टूर्नामेंट में देवधर ट्रॉफी 24 जुलाई से, ईरानी कप एक अक्टूबर से, सैयद मुशताक अली ट्रॉफी अक्टबूर में, विजय हजारे ट्रॉफी नवम्बर में और रणजी ट्रॉफी पांच जनवरी से शुरू होगी.
और अंत में महिला क्रिकेट
भारत की महिला ए टीम ने हांगकांग के मोंगकोंक शहर में आयोजित टी-20 एमर्जिंग एशिया कप का खिताब फाइनल में बांग्लादेश को 31 रन से हराकर जीत लिया. भारत ने 127 रन बनाये थे, जिसके जवाब में बांग्लादेश की टीम केवल 96 रन पर सिमट गयी. भारत की स्पिन तिकड़ी श्रेयांक पाटिल ने चार, मन्नत कश्यप ने तीन और कनिका आहूजा ने दो विकेट लिये.
इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ए का मैच श्रीलंका ए के खिलाफ बारिश की वजह से नहीं खेला जा सका. यही नहीं, भारत का लीग मुकाबला भी पाकिस्तान और नेपाल के खिलाफ बारिश के कारण नहीं खेला जा सका था. एकमात्र खेले गये लीग मैच में भारतीय टीम ने मेजबान हांगकांग को शिकस्त दी थी. तो यह था, सप्ताह भर की क्रिकेट गतिविधियों पर आधारित हमारा पॉडकास्ट- सुनो दिल से. अगले हफ्ते फिर मिलेंगे, संजय बैनर्जी को अनुमति दीजिए, नमस्कार.






