
हाइलाइट्स
सीमाओं पर तैनात सुरक्षा बल इलाके के हर गांव का 2000 साल का इतिहास जुटा रहे.
गृह मंत्रालय ने ये जानकारी जुटाने का काम सौंपा है.
सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग मॉड्यूल में गांवों का इतिहास जोड़ने के लिए कहा गया.
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने अब सीमावर्ती गांवों के विकास को ध्यान में रखते हुए एक नई योजना पर काम करना शुरू किया है. इसके तहत सीमाओं पर तैनात सुरक्षा बलों को अपने इलाके के हर एक गांव के पिछले 2000 साल के इतिहास (2000 Year History) की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया है. गृह मंत्रालय ने सीमा पर तैनात सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों को सीमावर्ती इलाकों के गांवों में सक्रिय होने और पिछले 2,000 वर्षों तक फैले उनके इतिहास को जुटाने के लिए कहा गया है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को अपने ट्रेनिंग मॉड्यूल में भी गांवों के इतिहास को जोड़ने के लिए कहा गया है.
बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने 12 जून को नई दिल्ली में आयोजित सीएपीएफ में तैनात आईपीएस अधिकारियों के ‘चिंतन शिविर’ में इसके बारे में निर्देश दिया. बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने सभी सीएपीएफ को इन सीमावर्ती गांवों में बने सामानों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए कहा. शाह ने कहा कि इससे सीमावर्ती इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों का पलायन रुकेगा. इस बात की संभावना है कि इस कवायद का मकसद संभवतः सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की सरकार की योजनाओं से भी जुड़ा हो सकता है. किसी भी संस्थान की स्थापना या बुनियादी ढांचे के विकास से पहले केंद्र सरकार शायद सभी गांवों के साथ-साथ उनके इतिहास के बारे में जानना चाहती है. ताकि वे उसके हिसाब से काम कर सकें.
देश की सीमाओं पर आमतौर पर चार सुरक्षा बल तैनात हैं. इनमें सीमा सुरक्षा बल (BSF), असम राइफल्स (Assam Rifles), सीमा सुरक्षा बल (SSB) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) शामिल हैं. बीएसएफ ने इस बारे में एक निर्देश जारी करके कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी जानकारी का पता लगाने के लिए अपने अधीनस्थों को सीमा के गांवों में भेजें. इस जानकारी को जुटाने के बाद 23 जून तक प्रशिक्षण मुख्यालय भेजने को कहा गया है. इसके आगे भी उन्हें गांवों के इतिहास को जानने का अपना काम जारी रखने को कहा गया है.
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Tags: Amit shah, Assam Rifles, Border Security force, History, ITBP
FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 08:26 IST






