माफिया अतीक अहमद की फरार पत्नी शाइस्ता परवीनके खिलाफ वाद दायर, गोशाला की जमीन पर कब्जे का आरोप

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हाइलाइट्स

अतीक अहमद की फरार पत्नी शाइस्ता, जेल में बंद पुत्र मो. उमर समेत 11 लोगों के खिलाफ वाद दायर
दिनेश आंबेडकर गांधी ने सीएम योगी से मांग की है कि सीतापुर में भी अतीक व शाइस्ता परवीन के गुर्गों पर कार्रवाई की जाए

सीतापुर. सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में माफिया अतीक अहमद की फरार पत्नी व 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन, जेल में बंद पुत्र मो. उमर समेत 11 लोगों के खिलाफ वाद दायर किया गया है. मामले में 31 जुलाई को सुनवाई होगी. यह वाद दिनेश आंबेडकर गांधी के द्वारा दायर किया गया है. दिनेश आंबेडकर गांधी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि सीतापुर में भी अभियान चला कर अतीक व शाइस्ता परवीन के गुर्गों पर कार्रवाई की जाए.

सीतापुर शहर कोतवाली क्षेत्र के तामसेनगंज निवासी दिनेश आंबेडकर गांधी उर्फ दिनेश जायसवाल ने सात सहयोगियों के साथ मिलकर न्यायालय में दायर किए गए वाद में कहा गया है कि तामसेन गंज में स्थित प्राचीन श्रीनारायण धाम मंदिर के पास नजूल की भूमि है. इस पर गोशाला संचालित होती थी. गोशाला का प्रबंध दिनेश आंबेडकर गांधी, उनके सहयोगी, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता करते थे. वर्ष 2019 में आरोपियों ने गोशाला की भूमि पर कब्जा कर लिया था. कब्जा करने वाले लोगों में अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, उसका पुत्र मो. उमर, भाई अशरफ शामिल था. इन लोगों के द्वारा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था. उस समय इसकी शिकायत जब जिला प्रशासन से की गई थी तब प्रशासन ने शिकायत मिलने पर यहां कराए गए अस्थाई निर्माण को गिरवा दिया था, लेकिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ था. अब आरोपियों पर कार्रवाई कराने के लिए न्यायालय में वाद दायर किया गया है.

जिन लोगों पर वाद दायर हुआ है उनमें 50 हजार की इनामिया माफिया डॉन अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, जेल में बंद पुत्र मो. उमर, डीएम, नगर पालिका के पूर्व अधिशासी गुरु प्रसाद पांडेय, राकेश कुमार जायसवाल, आफताब अंसारी उर्फ मिठाई लाल, मोहम्मद साजिद भिश्ती, सुनीत शुक्ला उर्फ सुमित शुक्ला, सुनील उर्फ पल्लू  टुंडा, मुनना लाल उर्फ मुन्ना जायसवाल शामिल है. दिनेश आंबेडकर गांधी के द्वारा यह वाद 30 अप्रैल 23  को दायर किया गया था. अब न्यायालय इस पूरे मामले में 31 जुलाई 23 को सुनवाई करेगा. इस पूरे मामले को लेकर दिनेश आंबेडकर गांधी का कहना है कि 2019 में जब मो. असरफ मो. उमर फरारी काट रहे थे, तभी लोगों ने सीतापुर में रुकने के दौरान गौशाला की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया था. उस समय प्रशासन ने अवैध कब्जा तुड़वा दिया था. दिनेश आंबेडकर गांधी का आरोप है की हाल ही में शाइस्ता परवीन के इशारे पर काम करने वाले स्थानीय गुर्गों ने दो बार पुनः कब्जा करने का प्रयास किया है.

Tags: Atiq Ahmed wife Shaista, Sitapur news, UP latest news

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें