80s में आते थे चाभी और अलमारी के विज्ञापन, साबुन या पाउडर के एड भी होते थे मजेदार, आज देख लेंगे तो आ जाएगी हंसी

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मुंबई. इन दिनों विज्ञापनों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं. प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों के पास कई सारे विकल्प हैं. वह सिनेमाघरों, टीवी शोज, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे अन्य प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन को एंडोर्स करते हैं. लेकिन 1980 और 90 के दशक में ऐसा नहीं था. कंपनियों को विज्ञापन के लिए दूरदर्शन और रेडियो पर ही निर्भर रहना पड़ता था. इस दौर में विज्ञापन को पेश करने काफी इंगेंजिंग तरीके होते थे. इस दौर में ऐसे कई घरेलू समान के विज्ञापन आते थे, जिनका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं. आज इन चीजों पर विज्ञापन न के बराबर बनते हैं.

यहां हम आपको 80 और 90 के दशक में आने वाले 6 विज्ञापनों के बारे में बता रहे हैं और उसकी झलक एक वीडियो में दिखा रहे हैं. इन दिनों डियो, परफ्यूम, मोबाइल, टीवी, लैपटॉप आदि नए ब्रांड के विज्ञापन आते हैं. लेकिन पहले ताले-चाभी तक के विज्ञापन आते थे. दूरदर्शन पर ‘हरिसन लॉक (ताला)’ का विज्ञापन आता था, जो अपनी मजबूती के मिशाल देता है. अब किसी को भी नहीं पता इस लॉक के बारे में.

इसी तरह आप गोदरेज को उसके फ्रिज और साबुन ब्रांड के बारे में जानते होंगे. गोदरेज इनका विज्ञापन भी जोर-शोर करता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी 80 और 90 के दशक में गोदरेज अलमारी के विज्ञापन भी दूरदर्शन पर देता था. यहां आप गोदरेज का ऐसा ही एक विज्ञापन देखेंगे कि दहेज में लड़की को गोदरेज की अलमारी दी जा रही है, जिसमें वह अपना सामान रख रही है.

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आज की तरह नहीं, पहले परिवार के साथ देख सकते थे विज्ञापन

इस तरह के विज्ञापनों में फैमिली के इमोशंस दिखाए जाते थे, बल्कि हल्की-फुल्की मस्तियां भी होती थीं, जो आपके चेहरे पर मुस्कान ला देते थे. आज साबुन और टेल्कम पाउडर के विज्ञापन आप फैमिली के साथ बैठ कर नहीं देख सकते हैं. बाथटब में नहाती एक्ट्रेस, कपड़े उतारने वाले परफ्यूम के विज्ञापन पहले नहीं दिखते थे.

साबुन और पाउडर के विज्ञापन में  फैमिली के इमोशंस

1980 और 90 के दशक में साबुन से लेकर पाउडर तक के विज्ञापन बहुत सलीके से बनते थे. इन विज्ञापनों को देखने में फिल्मों से ज्यादा मजा आता था, लोग विज्ञापन से प्रभावित होकर वही प्रोडक्ट भी घर लाते थे. साबुन और पाउडर के विज्ञापन में फैमिली के इमोशंस को भी कनेक्ट किया जाता था.

Tags: Doordarshan

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Author: Up Head Line

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