महंगी कोचिंग छोड़ सस्ते में कराया एडमिशन, क्रिकेट की धुन में छोड़ी पढ़ाई, अब WTC Final में बचाई भारत की लाज

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टीम इंडिया फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में व्यस्त है. 16 महीने बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे अजिंक्य रहाणे ने पहली इनिंग में शानदार बैटिंग की. उन्होंने 129 गेंदों में कुल 89 रन बनाए. बेशक रहाणे की इस बेहतरीन पारी ने टीम इंडिया की लाज बचाए रखी है. रहाणे ने काफी पहले से ही क्रिकेट में आने का मन बना लिया था. इसके लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं की थी. (BCCI/Twitter)

अजिंक्य रहाणे का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ था. वह बचपन से ही क्रिकेट खेलने के काफी शौक़ीन थे. 7 साल की उम्र में उनके पिता ने डोंबिवली के एक सस्ते कोचिंग सेंटर में उनका एडमिशन कराया. कम पैसे होने के कारण वह इतना ज्यादा खर्च नहीं कर सकते थे. (AP) इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने अपनी पढ़ाई पर जोर दिया. उन्होंने एसवी जोशी हाई स्कूल से अपनी 12वीं पास की. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने बारहवीं तक ही अपनी पढ़ाई की. क्रिकेट की धुन में उन्होंने इसके आगे न ग्रेजुएशन और न ही मास्टर्स की डिग्री हासिल की और 17 साल की उम्र में भारत के पूर्व बैट्समैन प्रवीण आमरे से गुर सीखने लगे. रहाणे की असली क्रिकेट लाइफ यही से शुरू होती है. (AP) प्रवीण आमरे से करीब 2 साल की ट्रेनिंग लेने के बाद रहाणे को फर्स्ट क्लास डेब्यू करने का मौका मिला. उन्होंने 19 साल की उम्र में मोहम्मद निसार ट्रॉफी में मुंबई के लिए पहला मैच खेला था. रहाणे ने इस मैच में 203 गेंदों में 143 रन बनाए थे. इसके बाद उन्हें ईरानी ट्रॉफी में चुना गया था. इसके बाद रहाणे ने कभी पीछा मुड़कर नहीं देखा. वह लगातार एक के बाद एक अच्छी पारी खेल टीम इंडिया में जगह बनाने में सफल हुए.(AP) वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में टीम इंडिया की हालत पहली इनिंग में काफी खराब थी. वह शुरुआत में ही जल्दी विकेट गंवा चुके थे. लेकिन अजिंक्य रहाणे की 89 रनों की पारी ने टीम इंडिया को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचाया. हालांकि, वह 11 रनों से शतक से चूक गए.(AFP)

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Author: Up Head Line

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